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Yamuna Nagar News: शहर में चल रहीं 145 डेयरी, एक साल में सिर्फ चार को किया बाहर

Sun, 01 Mar 2026 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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गोविंदपुरी कॉलोनी में डेयरी की नाली में बहता गोबर। संवाद
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राजेश कुमार
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यमुनानगर। जगाधरी व यमुनानगर में अभी भी करीब 145 पशु डेयरियां चल रही हैं। पिछले एक साल में अधिकारी शहर से मात्र चार डेयरियों को ही शहर से बाहर भेज सके हैं। यह हाल तब है जब नगर निगम सदन की बैठक में भी कई बर पशु डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने का मामला पार्षद उठा चुके हैं।
पिछले 14 साल से नगर निगम के अधिकारी शहर में धड़ल्ले से चल रही पशु डेयरियों को बाहर डेयरी कांप्लेक्स में शिफ्ट करने की जद्दोजहद कर रहे हैं। जगाधरी व यमुनानगर अभी भी करीब 145 पशु डेयरियों का संचालन हो रहा है। ऐसे में शहरवासियों को पशुओं के गोबर की दुर्गंध, इनसे जाम सीवरेज और अन्य परेशानियों से ऐसे ही जूझना पड़ना पड़ेगा।
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एक तरफ स्वच्छता अभियान के दावे हो रहे हैं तो दूसरी तरफ डेयरियों को शहर से बाहर निकालने में अधिकारी बेबस नजर दिखते हैं। अलग से डेयरी कांप्लेक्स होने के बाद भी पशुओं को शहर में आबादी के बीच बांधा जा रहा है। पिछले साल सितंबर माह में जिला सचिवालय में हुई कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री कृष्ण बेदी ने भी डेयरियों को बाहर करने के लिए नोटिस जारी करने को कहा था।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2001 में शहर में आबादी के बीच बनी पशु डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना बनाई थी। इसके लिए यमुनानगर शहर में बनी डेयरियों को शिफ्ट करने के लिए दड़वा, रायपुर व औरंगाबाद में डेयरी कांप्लेक्स बनाकर 750 प्लाॅट और जगाधरी की डेयरियों को शिफ्ट करने के लिए कैल गांव में 119 प्लाॅट काटे गए थे। प्लॉट देने के एक दशक बाद काफी डेयरियों को इनमें शिफ्ट कर दिया गया था।
अगस्त 2020 से पहले निगम टीम ने शहर में सर्वे कराया था। जिसमें पता चला कि छोटी-बड़ी 337 डेयरियां थी। पहले इनकी संख्या 275 थी। पार्षद प्रियांक शर्मा, जयंत स्वामी, विक्रम राणा का कहना है कि शहर की जमुना गली, आजाद नगर, हमीदा, चिट्टा मंदिर रोड, महावीर कालोनी, छोटी लाईन, कैंप, प्रोफेसर कॉलोनी व जगाधरी की शायद ही कोई काॅलोनी होगी जिसमें दर्जनभर पशु डेयरियां नहीं चल रही हों। अधिकांश डेयरी संचालक पशुओं के गोबर को नालियों में बहा देते है या फिर खाली प्लाटों में डाल देते है। संवाद
अभी भी शहर में 50 प्रतिशत डेयरियां चल रही हैं। नगर निगम इन डेयरियों को शहर से बाहर नहीं ले जा पाया है। निगम के अफसरों से आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिलता। जल्द ही इस बारे में डीसी से मिला जाएगा। - सुरजीत सिंह, प्रधान, डेयरी कांप्लेक्स कैल।
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शहर में चल रही पशु डेयरियों को कांप्लेक्स में शिफ्ट करने की मांग पार्षदों ने उठाई थी।डीसी ने सभी डेयरी संचालकों को नोटिस देकर एक माह में रिपोर्ट देने को कहा है। डेयरी कांप्लेक्स में पशुपालकों को प्लॉट दिए गए हैं। - सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।
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