यमुनानगर। कोरोना वायरस लगातार लोगों की जिंदगी छीन रहा है। सोमवार को इस वायरस से संक्रमित चार लोगों की मौत हो गई जबकि 215 नए संक्रमित केस मिले हैं तो वहीं 253 लोगों ने कोरोना को मात दी है इन लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। हालांकि विभिन्न श्मशान घाटों में कोरोना गाइडलाइन के साथ 12 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। जिले के स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से चार लोगों के मरने की ही पुष्टि की है। जिले में अब तक 15,773 संक्रमित मिल चुके हैं, जिनमें से 13,939 स्वस्थ हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, तेजली निवासी 49 वर्षीय कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत सीएचसी बिलासपुर में हो गई। वर्कशाप के प्रीत नगर निवासी 68 वर्षीय व्यक्ति की मौत ईएसआई अस्पताल में हो गई। मरीज शुगर था। मोहल्ला विश्वकर्मा निवासी 35 वर्षीय युवक की मौत सीएचसी बिलासपुर में हो गई। जबकि चोपड़ा गार्डन निवासी 52 वर्षीय कोरोना संक्रमित अधेड़ की मौत पीजीआई में हुई। यह किडनी का मरीज था। जानकारी अनुसार, गाजियाबाद निवासी 72 वर्षीय वृद्ध की मौत एक निजी अस्पताल में हुई। विष्णु गार्डन निवासी 67 वर्षीय कोरोना संक्रमित वृद्ध महिला की मौत हुई है। जबकि दिल्ली निवासी 32 वर्षीय महिला की मौत भी कोरोना के कारण हुई है। छछरौली निवासी 41 वर्षीय व्यक्ति की जान कोरोना ने ले ली है। मैहलावाली निवासी 48 वर्षीय व्यक्ति की मौत भी कोरोना संक्रमण के कारण हुई है। पटेल नगर निवासी 60 वर्षीय वृद्ध, वर्कशॉप निवासी 45 वर्षीय महिला व जम्मू कॉलोनी निवासी 72 वर्षीय वृद्ध महिला की जान कोरोना से चली गई है। हालांकि तीन अन्य कोरोना संक्रमित मरीजों की और मौत हुई है। सभी शवों का अंतिम संस्कार कोरोना गाइडलाइन के तहत कराया गया।
1608 एक्टिव केस
सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने बताया कि जिले में कोरोना के 1608 एक्टिव केस हो गए है। जिनमें से 1312 संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है। अभी तक दो लाख 80 हजार 157 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। जिनमें से दो लाख 60 हजार 167 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिले में संक्रमण दर 5.62 प्रतिशत है। जबकि कोविड-19 रिकवरी रेट 88.38 प्रतिशत हो गया है।
बाहरी राज्यों के मरीजों से बढ़ा कोरोना
यमुनानगर के निजी अस्पतालों में दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। ऐसे में जिले में कोरोना संक्रमण के केसों में इजाफा हो रहा है। इसके चलते जिले में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने लगी हैं। बाहर बेड नहीं मिलने के चलते लोग यमुनानगर का रुख कर रहे हैं। कुछ लोगों ने बताया कि बाहरी राज्यों के कोरोना संक्रमित मरीज आने के कारण लोकल मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लोकल स्तर पर मौत का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। बाहरी राज्यों के मरीजों से निजी अस्पतालों के बेड फुल है। ऐसे में लोकल के मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।