यमुनानगर। हरियाणा में पुरातत्व विभाग के अधीन ऐतिहासिक अमूल्य 110 विरासतों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इनमें से 62 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंजूरी दे दी है। बाकी अन्य भी जल्द नोटिफाइड हो जाएंगी। कहां कितना पैसा खर्च होगा इसका आकलन साइट एरिया मापने के बाद तय होगा।
जीर्णोद्धार के बाद ये अमूल्य धरोहरें पहले से काफी सुंदर दिखेंगी। विभाग की मानें तो हरियाणा में इस प्रकार की कई ऐसी साइटें हैं जिनकी स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है। जिनके जीर्णोद्धार के लिए पुरातत्व विभाग की तरफ से सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया था। पुरातत्व विभाग के अधीन इन साइटों का मरम्मत कर जीर्णोंधार तो होगा, वहीं खुले में पड़ी साइटों को अंडर लेने के लिए चाहरदीवार बनाई जाएगी, पीने के पानी की व्यवस्था होगी, बैठने के लिए बेंच, लाइटें, पेंट होगा इत्यादि कार्य होंगे। बहुत सी कई साइटें ऐसी हैं, जिनमें इस प्रकार की व्यवस्थाएं नहीं हैं। चनेटी गांव में बना हरियाणा पहले पूर्ण बौद्ध स्तूप की दीवारें जर्जर हो चुकी, पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच तक नहीं हैं। वहीं जीर्णोद्धार के बाद पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी। संवाद
प्रमुख महत्वपूर्ण हेरिटेज साइटें
राखीगढ़ी:
यह हिसार जिले में स्थित है और सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण स्थल है।
मिताथल व तिघराना:
यह भिवानी जिले में स्थित है और हड़प्पा सभ्यता के दो संरक्षित स्थलों में से एक है।
कुरुक्षेत्र:
यह महाभारत युद्ध के लिए प्रसिद्ध है और इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण प्राचीन स्थलों का घर है।
यमुनानगर :
सुघ, संधाय, आदि बद्री, अमादलपुर, बूड़िया, छछरौली, चनेटी बौद्ध स्तूप, और कपाल मोचन
हिसार:
हिसार में कई ऐतिहासिक स्मारक और संरचनाएं हैं, जैसे कि फिरोजशाह महल, गुजरी महल, लाट की मस्जिद, बारह दरी, मजार, तहखाने और दीवारों व बुर्ज की नक्काशी शामिल है।
हांसी:
हांसी को हेरिटेज सिटी घोषित किया गया है और यहां पृथ्वीराज किला, बड़सी गेट, दरगाह चार कुतुब, क्यामसर झील, मीर तिजारा का मकबरा, शेख फरीद की मजार लाल सड़क जैसी कई ऐतिहासिक संरचनाएं हैं।
हरियाणा में 110 हेरिटेज साइट हैं, जिनमें 62 नोटिफाइड हो चुकी हैं। इन पर कार्य कराने के लिए सीएम की मंजूरी मिल चुकी है। बेहतर तरीके से साइटों का कार्य किया जाएगा। बैठने के लिए बेंच, शौचालयों की व्यवस्था, मरम्मत इत्यादि कार्य होने हैं। - बिनानी भट्टाचार्य, उप निदेशक, पुरातत्व विभाग हरियाणा।