गांव मुजैहदवाला के जंगल से खैर के 11 दुर्लभ पेड़ काटने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने कटे हुए पेड़ों पर डीआर नंबर तो लगा दिए, लेकिन न तो अब तक खैर बरामद हुआ और न ही चोरों की पहचान हुई है। इनकी कीमत करीब दो लाख रुपये आंकी जा रही है। वहीं 15 दिन पहले भी लगभग आधा दर्जन खैर के पेड़ यहां से काटे गए थे। उनका भी आज तक कोई सुराग नहीं लगा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के जंगल से लगातार खैर के पेड़ चोरी हो रहे हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
इस बारे में रेंज अधिकारी संजीव कश्यप का कहना है कि मुजैहदवाला जंगल से 11 पेड़ खैर के काटे गए हैं। पेड़ों की जांच कर उन पर नंबर लगा दिए गए हैं। काटे गए खैर को बरामद करने के लिए टीमें गठित की गई है। चोरों की तलाश की जा रही है। इस क्षेत्र में रात के वक्त गश्त बढ़ाई जाएगी। पेड़ काटने वाले आसपास के क्षेत्र के ही लोग हैं, जो जंगल की भौगोलिक स्थिति से वाकिफ हैं।