संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। वैदिक कालीन सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करने के सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड ने प्रयास और तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में बोर्ड की तरफ से 11 जगहों पर सरस्वती रिजर्व वायर का कार्य चल रहा है। खंड व्यासपुर के गांव छिलोर, रामपुर हीरिया रामपुर काम्बियन में 350 एकड़ में सरोवर बनाने के लिएसात लाख घन मीटर (क्यूब) मिट्टी उठ चुकी है।
इसी प्रकार रुहलाहेड़ी नदी के पास व मुगलवाली में 4 एकड़, संघोर गांव में 15 एकड़, कंदोली गांव में 12 एकड़, रामपुरा में छह एकड़, मर्चेहड़ी में सात एकड़, भगवानपुरा में पांच एकड़, टाटका में तीन एकड़ में, बोहली में 12 एकड़ व अब लगभग एक हजार एकड़ में बीबीपुर झील में सरस्वती बोर्ड सरस्वती रिजर्व वायर बनाने पर काम कर रहा है।
सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य बारिश के पानी को अपने क्षेत्र में रोकना। वहीं इसका सीधा फायदा किसानों को होगा। उन्होंने कहा कि यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व आसपास क्षेत्र के 10 किलोमीटर के क्षेत्र में वॉटर लेवल बढ़ गया है, जिससे किसान खुश हैं।
उन्होंने बताया कि सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड आगे भी इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। हाल ही में वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों ने भी बोहली सरोवर का भ्रमण किया जिसमें उन्होंने पाया कि क्षेत्र में बहुत ज्यादा पानी रिचार्ज हो रहा है। किरमच ने बताया कि जितनी हरियाणा में आर्कियोलॉजिकल साइट हैं, वे सभी सरस्वती नदी के किनारे हैं।