संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बिजली निगम के बकाएदार बकाया बिल भरने का नाम नहीं ले रहे। बकाएदार उपभोक्ताओं की संख्या एक लाख से ऊपर जा चुकी है। जिले में 1,01,918 बिजली डिफाल्टरों पर 231 करोड़ रुपये का बकाया हो चुका है। बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता ने (एसई) बकाया वसूली 15 टीमों का गठन किया है।
जिले में कुल घरेलू कनेक्शनों की संख्या करीब 3.20 लाख है। बिजली निगम के एसई नरेंद्र सिंह ने डिफाल्टरों पर कार्रवाई करने को लेकर अपने कार्यालय में यमुनानगर, जगाधरी व व्यासपुर डिवीजन के एक्सईएन और सभी 15 एसडीओ के साथ बैठक की। बैठक में एसई ने कहा कि 231 करोड़ रुपये की राशि बहुत ज्यादा है।
बकाएदारों के प्रति अब कोई नरम रवैया नहीं होना चाहिए। सबसे पहले बकाएदा को बिल भरने के लिए कहें। वह बिल नहीं भरते तो सीधे मीटर का कनेक्शन काटा जाए। इसके अलावा बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए भी टीमें औचक निरीक्षण करें। निगम की तरफ से बकाएदारों से बकाया राशि वसूलने के लिए15 टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें एसडीओ के नेतृत्व में बनाई गई हैं। टीमें अब गांव-गांव जाएंगी जो डिफाल्टरों से बिल भरने को कहेंगी।
यदि निर्धारित समय में बिल नहीं भरा तो सीधे मीटर का कनेक्शन काटा जाएगा। बिजली निगम का सबसे ज्यादा ध्यान फिलहाल उन बकाएदारों पर है, जिन पर पांच से 20 हजार रुपये तक राशि बकाया है। छोटी राशि को लोग आसानी से भर देते हैं। इससे बकाएदारों की संख्या भी रिकॉर्ड में कम हो जाती है। वहीं जिन पर लाखों रुपये बकाया है, वह मामले को लेकर कोर्ट में चले जाते हैं। कोर्ट में सेटलमेंट योजना के तहत बकाया राशि 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो जाती है।
नगर निगम ने कुत्तों की नसबंदी को लेकर टेंडर लगाया था। केवल एक ही फर्म ने टेंडर के लिए आवेदन किया था। सिंगल बिड आने पर एजेंसी को वर्क अलॉट नहीं कर सकते हैं। आठ अक्तूबर को दोबारा टेंडर खोला जाएगा। उम्मीद है इस बार एक से ज्यादा एजेंसी आगे आएंगी। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम यमुनानगर।