मौसम के बदले मिजाज के चलते रविवार सुबह से ही बादल छाये रहने के बाद प्रदेश में दोपहर को हुई बूंदाबांदी से ठंड में इजाफा हो गया। बूंदाबांदी होने से किसानों के चेहरे खिले नजर आए। किसानों के अनुसार यह बारिश रबी की फसलों के लिए सोने पर सुहागा होगी। वहीं मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को भी आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा बारिश व कोहरा छाने की संभावना है।
किसानों की माने तो रबी की फसल के लिए कड़ाके की ठंड व कोहरा जरूरी होता है। इस बारिश के बाद से कोहरा भी नजर आएगा। जिससे रबी की फसल को फायदा होगा। बारिश के कोहरे और ठंड से सीजन की फसल बेहतर होने की उम्मीद जागी है, क्योंकि यह बारिश रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। यह बारिश सरसों, जौ व गेहूं की फसल को फायदा करेगी।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी पर्वतीय इलाकों से लगातार एक के बाद एक सक्रिय मौसम प्रणाली वेस्टर्न डिस्टरबेंस का प्रभाव जारी है। जिसकी वजह से पंजाब और राजस्थान व उत्तर पश्चिमी हरियाणा पर चक्रवातीय सर्कुलेशन बन गया है और पवनों की दिशा में बदलाव हो गया है।
हलकी बारिश से फसलों को फायदा पहुंचेगा। ओलावृष्टि से नुकसान की संभावना बन जाती है। लेकिन दिसंबर व जनवरी के दौरान हलकी बारिश सरसों, जौ व गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद होती है। -डॉ. वजीर सिंह, कृषि उप निदेशक, कृषि एवं पशुपालन विभाग नारनौल।