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दिल्ली हिंसा से बढ़ी नाराजगी, मसानी बैराज पर बैठे किसानों को 24 घंटे में हाईवे खाली करने का अल्टीमेटम 

Wed, 27 Jan 2021 04:05 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी (हरियाणा)
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रेवाड़ी में किसानों से बात करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली में ट्रैक्टर परेड में बवाल का असर आंदोलन पर दिखना शुरू हो गया है। बुधवार को दिल्ली-जयपुर हाईवे 48 स्थित मसानी बैराज पर 20 गांवों के ग्रामीणों व खेड़ा बॉर्डर पर हरियाणा पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने बैठक कर 24 घंटे के अंदर हाईवे खाली करने का अल्टीमेटम दिया। ग्रामीणों ने किसानों को सुझाव दिए कि वह बनीपुर चौक, खेड़ा बॉर्डर या फिर सिंघु बॉर्डर की ओर कूच कर जाएं।  ग्रामीणों के अल्टीमेटम के छह घंटे बाद शाम छह बजे किसानों ने खेड़ा बॉर्डर की ओर जाना शुरू कर दिया। 

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गुरुवार को एक बार फिर से ग्रामीणों को गांव डुंगरवास में महापंचायत करनी थी लेकिन इससे पहले ही किसान टकराव से बचने के लिए खेड़ा बॉर्डर की ओर कूच कर गए। वहीं पेट्रोल पंप एसोसिएशन की ओर से बावल स्थित बीपीसी, एचपीसी व आईओसी ट्रमिनल बंद करने का आह्वान किया गया है। यदि ये तीनों टर्मिनल बंद होते हैं तो हरियाणा के नौ जिलों में पेट्रोल व डीजल की सप्लाई बाधित हो सकती है। 

एसोसिएशन ने खेड़ा बॉर्डर पर योगेंद्र यादव का पुतला भी फूंका। टर्मिनल बंद होने की स्थिति में फरीदाबाद, पलवल, मेवात, गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक व भिवानी में तेल की सप्लाई बाधित हो जाएगी। बता दें कि रेवाड़ी-बावल रोड पर गांव सुठानी के पास तीनों कंपनी के तेल डिपो हैं, यहीं से करीब आधे हरियाणा में तेल सप्लाई होता है। बता दें कि बुधवार सुबह पुलिस ने रेवाड़ी-रोहतक हाईवे स्थित गंगायचा टोल प्लाजा से किसानों को खदेड़कर टोल सुचारु करा दिया है। 

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मसानी बैराज पर ग्रामीण व आंदोलनरत किसान आमने-सामने

दिल्ली में बवाल व आंदोलन से ग्रामीणों को हो रही परेशानी को देखते हुए बुधवार सुबह करीब 10 बजे मसानी के सरंपच कैप्टन लालाराम की अध्यक्षता में गांव डुंगरवास में बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान करीब 20 गांव के ग्रामीण मौजूद रहे। बैठक के बाद ग्रामीण आंदोलनकारी किसानों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने तक पहुंच गए। इस दौरान किसानों व ग्रामीणों में कहासुनी भी हुई, डीएसपी अमित भाटिया ने दोनों पक्षों को शांत कराया। 

असुविधाओं को ग्रामीणों ने बनाया था मुद्दा
बुधवार को गांव डूंगरवास में आस-पास के गांवों के ग्रामीणों की मसानी के सरपंच कैप्टन लाला राम की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में गांव डूंगरवास, मसानी, जोनावास, तीतरपुर, निगानियावास, खरखड़ा, रसगण, जीतपुरा व निखरी आदि गांव के ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि एक महीने से आंदोलनकारियों ने दिल्ली-जयपुर हाईवे को बंधक बनाया है, जिस कारण आसपास के ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। 

हाईवे का ट्रैफिक गांव से गुजर रहा है तथा गांवों के लिंक रोड व पानी की पाइप लाइनें टूट चुकी है। वाहनों की टक्कर से बिजली के खंभे टूट गए हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार को किसान आंदोलन की आड़ में लाल किला पर तिरंगे का अपमान है, जो किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा। बैठक में ग्रामीणों द्वारा गठित कमेटी सरपंच लालाराम की अगुवाई में आंदोलनकारी किसानों के नेताओं से भी मुलाकात की और 24 घंटे में हाईवे खाली करने का अल्टीमेटम दिया। ग्रामीणों के हाईवे पर पहुंचने के कारण एक बार तनाव की स्थिति बन गई थी। बातचीत के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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अब खेड़ा बॉर्डर पर किसानों को झेलना पड़ सकता है विरोध

बुधवार को पेट्रोल पंप एसोसिएशन की बैठक प्रधान अनिल यादव की अध्यक्षता में हुई। खेड़ा बॉर्डर हुई बैठक के बाद पेट्रोल पंप संचालक योगेंद्र यादव से मिलने पहुंचे। यहां पर दोनों पक्षों में बहस होने की बात सामने आ रही है। एसोसिएशन प्रधान अनिल यादव ने कहा कि पहले हुई बैठक में योगेंद्र यादव ने 26 जनवरी तक हाईवे खाली करने का आश्वासन दिया था, इसके चलते ही बुधवार को मिलने पहुंचे थे। लेकिन यादव ने सकारात्मक जवाब नहीं दिया।

इसके बाद यादव का पुतला जलाया गया। अनिल यादव ने कहा कि हाईवे बंद होने से हजारों लोगों का रोजगार ठप्प हो गया है। किसान हाईवे खाली कर सर्विस लेन पर बैठ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि गुरुवार तक हाईवे खाली नहीं हुआ तो तीनों तेल टर्मिनल बंद कर दिए जाएंगे।
कुछ ग्रामीणों की ओर से सुबह विरोध किया गया था। किसान किसी से भी टकराव नहीं चाहते हैं। ग्रामीण भी किसान भाई हैं। इसके चलते मसानी बैराज पर रुका किसानों का जत्था अब खेड़ा बॉर्डर पर पड़ाव करेगा।  रामकिशन महलावत, प्रदेश महासचिव, भारतीय किसान यूनियन।
 
मसानी बैराज पर हाईवे बंद होने से आसपास के सभी गांवों के रास्ते टूट गए हैं। ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके चलते ही पंचायत बुलाकर हाईवे खाली करने का अल्टीमेटम दिया था।  कैप्टन लालराम, सरपंच मसानी।
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