डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की पंचकूला सीबीआई विशेष अदालत में व्यक्तिगत पेशी पर प्रदेश सरकार ने उनके अनुयायियों के पंचकूला पहुंचने पर रोक लगाने की तैयारी कर ली थी।
अभी तक सिरसा अदालत से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए पंचकूला सीबीआई अदालत में डेरा प्रमुख की पेशी होती है। सीबीआई अदालत ने निर्देश दिए थे कि डेरा प्रमुख 17 सितंबर को व्यक्तिगत तौर पर अदालत में पेश हों।
हालांकि सोमवार को अदालत ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से ही पेश होने के आदेश दे दिए। पंचकूला उप पुुलिस आयुक्त अश्विन शेणवी ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह समीर माथुर को पत्र भेजकर आग्रह किया था कि डेरा प्रमुख चूंकि जेड प्लस कैटेगरी की सुरक्षा में हैं।
उन्हें खालिस्तान लिबरेशन फोर्स और अन्य आतंकी संगठनों से भी खतरा है। जब वे बाहर जाते हैं तो उनके अनुयायी भी पहुंच जाते हैं। अभी तक वीडियो कान्फ्रेंसिंग से ही पेशी होती रही है इसलिए भविष्य में भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग से ही पेशी हो।
पंचकूला उप पुलिस आयुक्त ने यही आग्रह सीबीआई विशेष अदालत में भी किया था। प्रदेश सरकार ने डीसीपी पंचकूला के पत्र का संज्ञान लेते हुए सिरसा, कैथल, अंबाला जिला उपायुक्तों से कहा था कि डेरा प्रमुख अनुयायियों को ज्यादा संख्या में पंचकूला न पहुंचने दें।
डीसीपी पंचकूला ने पत्र में लिखा था कि ज्यादा संख्या में पहुंचने से लोगों को दिक्कत होती है। अदालत से कान्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी के आदेश के बाद सरकार ने चैन की सांस ली है।