हरियाणा के जिला झज्जर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसएस नारंग की अदालत ने गांव डीघल निवासी संदीप को वाहन से कुचलकर गांव के ही मंगतराम को मौत के आगोश में पहुंचाने का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दो हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
झज्जर जिला स्थित थाना बेरी के अंतर्गत आने वाले गांव डीघल के मंगतराम की गाड़ी से कुचले जाने के बाद मौत हो गई थी।
इस मामले में गांव के संदीप के खिलाफ पुलिस ने लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया था।
डीघल के ग्रामीणों ने इस घटना को सुनियोजित साजिश बताते डीघल चौक पर जाम लगा दिया था।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भादंसं की धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया था।
हालांकि कुछ समय बाद आरोपी चालक को जमानत पर छोड़ दिया गया था।
वीरवार को अदालत ने अपना निर्णय सुनाते हुए आरोपी चालक संदीप को उम्रकैद की सजा और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
लड़ाई झगडे़ में तीन को चार-चार साल कैद
झज्जर की स्थानीय अदालत ने लड़ाई-झगडे़ के एक मामले में गांव मांडोठी के तीन युवकों को चार-चार साल कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार नवंबर 2010 में गांव मांडौठी के मनोज, चरण सिंह, सतेंद्र का झगड़ा गांव के ही रघुवीर सिंह से हो गया था। झगडे़ में रघुवीर सिंह को काफी चोट आई थी।
पुलिस ने मनोज, चरण सिंह और सतेन्द्र के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने के उपरांत मनोज, चरण सिंह और सतेन्द्र को दोषी पाते हुए चार-चार साल कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।