हरियाणा में बिना किसी डिग्री के डिस्पेंसरी चला रहे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने छापामारी तेज कर दी है।
वीरवार को उप जिला स्वास्थ्य अधिकारी, दवा नियंत्रण अधिकारी और एसएमओ की टीम ने बहादुरगढ़ में दो झोलाछाप डॉक्टरों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। दोनों डॉक्टरों के यहां से बड़ी मात्रा में एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाएं भी मिली हैं।
वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बराही रोड और इंद्रा मार्केट के बंगाली दवाखानों पर छापे मारे। टीम ने मौके से एक झोलाछाप डॉक्टर को पकड़ लिया जबकि दूसरा फरार हो गया। दवा नियंत्रण अधिकारी राकेश दहिया ने बताया कि छापे के दौरान एक डॉक्टर ने खुद को कोलकाता से रजिस्टर्ड बताया है।
जबकि नियमों के तहत दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड कोई भी आयुर्वेदिक डॉक्टर हरियाणा में प्रेक्टिस नहीं कर सकता। दहिया ने बताया कि जिले में अब तक 21 झोला छाप डॉक्टरों को पकड़ा जा चुका है। आगे भी उनकी ये मुहिम जारी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईएमसी एक्ट की धारा 15ए और बी के अलावा आईपीसी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।