कैथल रोड से एक माह पहले व्यवसायी के बेटे अमित के अपहरण, हत्या, फिरौती, मांगने के मामले को लेकर मंगलवार को कंडेला खाप, सैन समाज, पिछड़ा वर्ग सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारयों की बैठक का आयोजन किया गया।
मुख्य हत्यारोपी की गिरफ्तारी और मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों व अधिकारियों पर कार्रवाई न होने पर रोष जताया गया। गुस्साए लोगों ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ रोष जताया और जिला प्रशासन को 12 नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया।
साथ ही निर्णय लिया गया कि 12 नवंबर को लघु सचिवालय के सामने महापंचायत का आयोजन किया जाएगा जिसमें आंदोलन से संबंधित अगला कदम उठाया जाएगा। इसके बाद लोगों ने लघु सचिवालय पहुंच कर मांगों से संबंधित ज्ञापन नगराधीश सतबीर लोहचब को साैंपा।
बाद में कंडेला खाप के लोगों ने जांच अधिकारी डीएसपी पूर्णचंद पंवार से भी मुलाकात की। कंडेला खाप, सैन समाज द्वारा अमित हत्याकांड में दिए गए अल्टीमेटम की अवधि मंगलवार को समाप्त होने पर नेहरू पार्क में कंडेला खाप के अध्यक्ष टेकराम कंडेला की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया।
आधे घंटे तक चली पंचायत में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने और पुलिस की लचर कार्यशैली पर रोष जताया गया। पंचायत चौधरियों का कहना था कि अमित की हत्या अपहरण के बाद ही हो गई थी। पांच अक्तूबर को शव भी पुलिस ने बरामद कर लिया था लेकिन अमित की हत्या से संबंधित परिजनों को कोई जानकारी देना तो दूर, उसके शव को लावारिस घोषित कर दाह संस्कार कर दिया।
पुलिस ने मामले को हलके से लिया। किसी को सूचना तक देना भी मुनासिब नहीं समझा। जिसके चलते पुलिस भी मामले में दोषी है। फरार चल रहे मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी तथा पुलिस कर्मचारियों तथा अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। पंचायत ने निर्णय लिया कि अगर 12 नवंबर तक मुख्य आरोपी प्रवीण की गिरफ्तारी नहीं होती और मामले में कोताही बरतने वाले पुलिसकर्मियों व अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती तो महापंचायत का आयोजन कर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
पंचायत द्वारा गठित कमेटी ने ज्ञापन देने के बाद कान्फ्रेंस हाल में नगराधीश सतबीर लोहचब, डीएसपी पूर्णचंद से बातचीत की। स्पष्ट तौर पर अधिकारियों को बताया गया कि फरार चल रहे मुख्य आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए और पुलिसकर्मियों व अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला ने कहा कि मामले में कार्रवाई के लिए प्रशासन को 12 नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है।