स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल आए स्वाइन फ्लू मामलों के आधार पर जिले के कुछ क्षेत्रों को इसके लिए संवेदनशील घोषित कर दिया है। इसमें ओल्ड फरीदाबाद, एनआईटी और नहरपार क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सर्वे एवं स्वाइन फ्लू रोकथाम के लिए विभाग ने 11 टीमों का गठन किया है।
मौसम ठंडा है। इसके साथ ही जिले में स्वाइन फ्लू संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है, जिसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने उन क्षेत्रों पर अधिक जोर देना शुरू कर दिया है जिनसे पिछले वर्ष अधिक मामले आए थे। विभाग के अनुसार पिछले वर्ष 140 स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मामले आए थे, जिनमे से 85 संवेदनशील माने गए तीन क्षेत्रों में से थे। इस कारण इन क्षेत्रों को संवेदनशील माना जा रहा है।
इन क्षेत्रों में सर्वे एवं मरीज मिलने पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 11 टीमों का गठन किया है। स्वास्थ्य कर्मी बुखार पीड़िताें के अलावा उन लोगाें पर अधिक ध्यान देंगे, जिन्हें सर्दी, जुकाम या खांसी है। किसी भी मरीज को अधिक समय से सर्दी, जुकाम या खांसी की पुष्टि होते ही स्वास्थ्य कर्मी पीड़ित के बलगम का नमूना लेंगे और उसे जांच के लिए बीके अस्पताल भेजेंगे।
इस बारे में जिला स्वाइन फ्लू अधिकारी डॉ. रमेश ने बताया कि एहतियात के तौर पर टीमों को सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। स्वाइन फ्लू से इस बार लोग पीड़ित न हाें इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।