गांव लुखी से पिछले माह लापता हुई महिला की बरामदगी न होने पर गुस्साए ग्रामीणों ने शुक्रवार को कनीना-कोसली मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीण महिला की बरामदगी के बाद ही जाम खोलने की बात पर डटे रहे।
जाम की सूचना पर डीएसपी धनपति ने नारनौल हेडक्वार्टर डीएसपी से फोन पर बात कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। तब जाकर मामला शांत हुआ और पांच घंटे बाद यातायात बहाल हो पाया।
गांव लुखी निवासी शकुंतला (55) अपने छोटे बेटे राजबीर के साथ गांव में ही रहती थी। बताया जा रहा है कि सात अगस्त को उसे उसका बड़ा बेटा संजय अपने साथ नारनौल लेकर गया था लेकिन वह आज तक गांव वापस नहीं लौटी।
संजय का कहना है कि उसने शकुंतला को दस अगस्त को ही वापस भेज दिया था। लापता शकुंतला की बरामदगी के लिए वीरवार रात गांव के पंचायत घर में सरपंच भतेरी की अध्यक्षता में पंचायत हुई जिसमें कनीना मार्ग जाम करने का निर्णय लिया गया।
शुक्रवार को ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे नाहड़ चौकी प्रभारी अजित सिंह ने ग्रामीणों को मनाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण टस से मस नहीं हुए। कोसली थाना प्रभारी श्रीभगवान ने भी प्रयास किया लेकिन मामला जस का तस रहा।
पुलिस अधिकारियों से असंतुष्ट ग्रामीणों को मनाने के लिए डीएसपी धनपति दल बल के साथ मौके पर पहुंची। जाम लगा रहे ग्रामीण रोशन लाल,राय सिंह,पंच सुरेश कुमार, सुमन,अभय सिंह, यशवंत, सतेंद्र, विक्रम ने बताया कि जब तक शकुंतला की बरामदगी का आश्वासन नारनौल पुलिस से नहीं मिलेगा तब तक जाम जारी रहेगा।
ग्रामीणों की मांग पर डीएसपी धनपति ने नारनौल हेडक्वार्टर डीएसपी से मामले को लेकर बात की। जब नारनौल डीएसपी ने एक सप्ताह में कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर जाम खोला गया।