1996 में हरियाणा के जिला सोनीपत में दो जगहों पर ब्लास्ट करने के आरोपी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को जिला पुलिस तिहाड़ जेल से शनिवार को प्रोडक्शन वारंट पर ले आई।
जिला पुलिस 17 अगस्त को दिल्ली पुलिस द्वारा टुंडा की गिरफ्तारी के बाद से प्रोडक्शन वारंट पर लाने की कार्रवाई कर रही थी।
पुलिस ने उसे स्थानीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया है। पुलिस धमाकों के मामले में पूछताछ कर रही है।
जिला पुलिस प्रवक्ता जगजीत सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 1996 को शहर के गीता भवन स्थित गुलशन मिष्ठान भंडार में ब्लास्ट हुआ था, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
उसी दिन लगभग 15 मिनट बाद कुछ ही दूरी पर तराना टॉकिज पर भी ब्लास्ट हुआ, जिसमें कई लोग घायल हुए। इनमें सात लोग गंभीर जख्मी हुए थे।
इन्द्रा कालोनी, सोनीपत निवासी सज्जन सिंह ने थाना शहर सोनीपत में सूचना दी थी कि वह तराना सिनेमा में फिल्म देखने गया था। थिएटर में एक धमाका हुआ।
धमाके की चिंगारी उसके पांव, हाथ और ठोडी पर लगने से उसे चोटें आई थीं। इसके अलावा कई लोग घायल हो गए थे।
सज्जन सिंह के बयान पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत थाना शहर सोनीपत में मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने मामले में अशोक नगर, पिलखुआ गाजियाबाद निवासी शकील और अनार वाली गली, तेलीवाड़ा दिल्ली निवासी मोहम्मद अमीर उर्फ इमरान खान को 1998 में गिरफ्तार किया था।
डीएसपी सिटी बलबीर सिंह ने बताया कि आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा के सोनीपत में हुए विस्फोटोें की स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने की कार्रवाई कर रही थी। पुलिस ने उसे वारंट पर लाकर अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है।