हरियाणा के जिला सिरसा में तकनीकी बोर्ड पंचकूला के नए फैसले के अनुसार प्रथम वर्ष में फेल या रिअपीयर छात्राें का अंतिम वर्ष में दाखिला रद्द कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाए जाने के विरोध में छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) के आह्वान पर बुधवार को राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज के विद्यार्थियाें ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर एक दिवसीय धरना दिया।
एआईएसएफ के प्रदेश संयोजक रोशन सुचान ने कहा कि विद्यार्थी शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, लेकिन प्राचार्य की ओर से पुलिस बुलवाकर आंदोलन को कुचलने की कोशिश की गई जो कि छात्राें के जनतांत्रिक अधिकाराें पर हमला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही छात्र धरने पर बैठे तो प्राचार्य और कुछ प्राध्यापकों ने उनके हाथ से माइक छीनने और हाथापाई की कोशिश की। इसके अलावा धरनाकारी छात्राें को कॉलेज से बाहर की निकालने की धमकी दी है।
छात्र संगठन के जिला सचिव भोला राम और जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह ने कहा कि तकनीकी बोर्ड के छात्र विरोधी फरमान का असर प्रदेश भर के हजाराें छात्राें पर पड़ा है, जिसके तहत अकेले सिरसा में करीबन एक हजार से अधिक विद्यार्थियाें को कॉलेज से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
छात्र नेता मनोज पचेरवाल और अनिल कंबोज ने कहा कि तकनीकी बोर्ड प्रथम वर्ष में फेल छात्राें को अंतिम वर्ष में प्रवेश रद्द करने के फैसले को वापस ले।
छात्र नेता रोशन सुचान ने प्राचार्य को तकनीकी बोर्ड पंचकूला के नाम पर फैसला आने तक प्रभावित छात्राें को कक्षाएं लगाए जाने की अनुमति संबंधी ज्ञापन सौंपा, जिस पर प्राचार्य ने कक्षाएं लगाने की मांग को मान लिया।
उन्होंने बाकी मांगाें को तकनीकी बोर्ड को भेजकर मामले का समाधान करवाने का आश्वासन दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी करने के लिए दस दिन का समय दिया है।
इस अवसर पर छात्र नेता भोला राम, मनोज पचेरवाल, मनदीप आजाद, अजय भरोखां व बहुतकनीकी कॉलेज से संजय राणा, सूरज, रवि गुर्जर आदि उपस्थित थे।