गांव पिचौपा खुर्द में गेहूं का बीज अंकुरित न होने से आठ एकड़ जमीन खाली पड़ी रह गई। पीड़ित किसान ने खंड कृषि अधिकारी से मामले की जांच कर मुआवजा दिलवाने की मांग की है।
उधर, बाढड़ा के गांव बेरला में भी दो एकड़ जमीन पर गेहूं अंकुरित नहीं होने से किसानों में रोष है। किसानों ने यह बीज सरकारी बीज बिक्री केंद्र से खरीदा था।
पिचौपा खुर्द निवासी संजय सिंह ने बताया कि 10 नवंबर को एचएसडीसी के बाढड़ा बीज बिक्री निगम कार्यालय से गेहूं की पीडब्ल्यू 17 किस्म के 8 बैग खरीद कर आठ एकड़ जमीन में बोए थे।
शुरू से ही अंकुरण कम होने पर खाद छिड़क कर सिंचाई भी की गई, लेकिन मात्र बीस प्रतिशत बीज का अंकुरण हुआ। बीज बिक्री केंद्र ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
किसान ने बताया कि इससे दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। किसान की शिकायत पर सोमवार को कार्यकारी खंड कृषि अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह मान की अगुवाई में विभाग की टीम ने मौका मुआयना कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।
उन्होंने बताया कि जांच में किसान की शिकायत सही मिली है। उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
पंचायत समिति सदस्य राकेश बेरला ने भी पैक्स बेरला से गेहूं का बीज खरीदा, लेकिन अंकुरित नहीं होने से दो एकड़ जमीन खाली रह गई है। उन्होंने जिला उपायुक्त व कृषि उपनिदेशक भिवानी से मामले की जांच कर मुआवजा देने की मांग की है।