प्रदेश के सरकारी मॉडल संस्कृति (जीएमएस) और पीएमश्री स्कूलों में नियुक्ति पाने के इच्छुक तकरीबन 10 हजार शिक्षकों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। पंजीकरण की आखिरी तिथि 20 जून तक थी। 30 जून 2025 को परीक्षा होने के बाद एक सप्ताह के अंदर हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी की तरफ से इसका परिणाम (रिजल्ट) भी घोषित कर दिया जाएगा। इसके बाद शिक्षा निदेशालय की ओर से शिक्षकों की नियमानुसार जीएमएस और पीएमश्री स्कूलों में नियुक्ति की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक आवेदनकर्ताओं में अपने घर से ज्यादा दूर तैनात शिक्षकों की संख्या ज्यादा है। इस परीक्षा को पास करने के बाद जीएमएस और पीएमश्री स्कूलों में नियुक्ति लेने की बाध्यता नहीं है। इसमें बड़ी संख्या में शिक्षक अपनी क्षमता परखने के लिए भी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। वहीं, इस प्रक्रिया के तहत जीएमएस और पीएमश्री स्कूलों में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों का 10 वर्षों तक तबादला नहीं होगा। जबकि, इससे पहले पांच वर्ष तक नियुक्ति का नियम था।
जानकारी के मुताबिक अब डेढ़ घंटे की परीक्षा में 60 सवाल आएंगे। इसमें टिक मार्क करके शिक्षकों को सवाल का सही उत्तर चुनना होगा। हरियाणा शिक्षा बोर्ड की तरफ से 20 हजार शिक्षकों की परीक्षा करवाने की व्यवस्था की गई है। पहली बार बोर्ड की तरफ से इस परीक्षा का आयोजन कराया जा रहा है।
प्रदेशभर में कुल 468 सरकारी मॉडल संस्कृति (जीएमएस) व पीएमश्री माध्यमिक उच्च विद्यालय और 1420 सरकारी मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल हैं। इस परीक्षा को पास करने के बाद सामान्य स्कूलों में तैनाती लेने वाले शिक्षकों की पात्रता समाप्त हो जाएगी। इन विद्यालयों में ड्राइव के माध्यम से शिक्षक पसंदीदा स्टेशन उपलब्ध न होने पर तीन विकल्प भरेंगे।
अधिकारी के अनुसार
जीएमएस और पीएमश्री स्कूलों में नियुक्ति पाने के इच्छुक तकरीबन 10 हजार शिक्षकों के शिक्षा विभाग में आवेदन प्राप्त हुए हैं। विभाग से जल्द ही पूरा ब्योरा बोर्ड के पास आ जाएगा। - डॉ. पवन कुमार शर्मा, चेयरमैन, एचबीएसई।
हरियाणा के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न सेवा मामलों पर विभागीय नियमों की अनदेखी कर सीधा हाईकमान तक जुगाड़ लगा रहे हैं। अधिकारी व कर्मचारी चैनल के जरिए अपने विभागीय अधिकारी के पास नहीं जाकर सीधे राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों व जनप्रतिनिधियों तक पहुंच रहे हैं।इस कारण विभागीय कामकाज व अन्य गतिविधियां प्रभावित हो रही है।
अब भविष्य में इस तरह की गतिविधि पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने यह निर्देश जारी किए हैं।पत्र में लिखा है कि उच्चतर शिक्षा निदेशालय (सामान्य), राज्य विश्वविद्यालयों व काॅलेजों के अधिकारी व कर्मचारी हरियाणा सिविल सेवा नियम 2016 के प्रावधानों का पालन नहीं कर रहे हैं।