फोटो संख्या:-58 हकेंवि में संवाद सत्र में मुख्य वक्ता प्रो. प्रेमचंद पतंजलि को स्मृति चिह्न भें
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) के हिंदी विभाग द्वारा साहित्य और युवा पीढ़ी विषय पर केंद्रित विशिष्ट संवाद सत्र का आयोजन किया गया। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. प्रेमचंद पतंजलि मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षा, साहित्य और समाज के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
मुख्य वक्ता प्रो. प्रेमचंद पतंजलि ने कहा कि सफलता का आधार, आत्मानुशासन, सतत अध्ययन और नैतिकता है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर के रूप में देखना चाहिए। विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों को विनम्र व्यवहार व परस्पर सहयोग की भावना अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में आचार्य डाॅ. नीरज करण सिंह ने संबोधन दिया। प्रो. बीर पाल सिंह यादव ने प्रतिभागियों को व्यवहारिक ज्ञान का महत्व समझाया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा द्वारा भक्तिकालीन संत काव्य परंपरा से अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए। इस अवसर पर डाॅ. सीएम मीणा, डाॅ. सूरज आर्या, डाॅ. अरविंद सिंह तेजावत, डाॅ. रीना स्वामी मौजूद रहे।