सोनीपत। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सुशासन के नए युग की आधारशिला युवा शक्ति ही है। शासन का अर्थ केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं बल्कि लोगों की पीड़ा को समझकर संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ समाधान उपलब्ध कराना है। वह सोमवार रात को गांव चौहान जोशी स्थित ऋषिहुड विश्वविद्यालय में गुड गवर्नेंस एसोसिएट्स (सीएमजीजीए)-2025 के दूसरे चरण का शुभारंभ करते हुए संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक पहल या कॅरिअर का अवसर नहीं बल्कि हरियाणा में सुशासन की सुदृढ़, संवेदनशील और जन केंद्रित परंपरा को मजबूत करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन जवाबदेह हो और सेवाएं समय पर मिलें तभी सच्चे अर्थों में सुशासन स्थापित होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में प्रारंभ किया गया सीएमजीजीए कार्यक्रम पढ़े-लिखे, ऊर्जावान और प्रतिबद्ध युवाओं को शासन की मुख्यधारा से जोड़ने की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। यह कोई नौकरी नहीं बल्कि युवाओं को परिवर्तन के वाहक के रूप में तैयार करने की प्रक्रिया है। अब तक 175 से अधिक सुशासन सहयोगी इस कार्यक्रम से जुड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएमजीजीए से जुड़े 70 फीसदी से अधिक युवा आज भी नीति अनुसंधान, सामाजिक सरोकारों और विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
ऐतिहासिक है प्रदेश की विरासत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विरासत ऐतिहासिक है। गांव राखीगढ़ी की 4,600 वर्ष पुरानी सभ्यता इस प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्राचीन सुशासन परंपरा की सशक्त साक्षी है। उन्होंने बताया कि अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से 600 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं।
परिवार पहचान पत्र से 85 फीसदी से अधिक परिवारों का पंजीकरण हो चुका है। वहीं, सक्षम हरियाणा अभियान के तहत लगभग 14 लाख बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है।
प्रभावी क्रियान्वयन है नए चरण का मंत्र
सीएमजीजीए-2025 के नए स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस चरण का मंत्र है कि नवाचार हो चुका है, अब प्रभावी क्रियान्वयन करना है। इस चरण में ग्लोबल विलेज फाउंडेशन को क्रियान्वयन एजेंसी तथा ऋषिहुड विश्वविद्यालय को शैक्षणिक सहयोगी के रूप में जोड़ा गया है। इस बार कुल 27 सुशासन सहयोगी ग्रामीण विकास, नीति अनुसंधान, शासन व्यवस्था, जलवायु नीति और आंकड़ा विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य करेंगे।
मुख्यमंत्री ने चयनित सहयोगियों से आह्वान किया कि वह इस अवसर को केवल प्रमाणपत्र या कॅरिअर की सीढ़ी न समझें बल्कि राष्ट्र निर्माण के मिशन के रूप में अपनाएं। उन्होंने गीता का संदेश सुनाते हुए कहा कि कर्म करो फल की चिंता मत करो। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि वह हरियाणा को और अधिक मजबूत, समृद्ध, शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और सुशासित राज्य बनाने के लिए पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करें।
यह रहे मौजूद
कार्यक्रम में ऋषिहुड विश्वविद्यालय के चांसलर एवं पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, राई विधायक कृष्णा गहलावत, खरखौदा विधायक पवन खरखौदा आदि मौजूद रहे।