सोनीपत। ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी की आराधना कर व्रत रखने से मनुष्य की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही चंद्रदेव की पूजा भी फलदायी मानी गई है।
इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु एवं अखंड सौभाग्य के लिए वट पूर्णिमा का व्रत भी रखती हैं। इस बार ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत व ज्येष्ठ पूर्णिमा का स्नान-दान अलग-अलग दिन रहेगा।
ज्योतिषाचार्य आचार्य मनमोहन मिश्रा ने बताया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक साधना एवं कल्याण के लिए अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। कुछ लोग पूर्णिमा तिथि 10 जून को बता रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि 11 जून को मनाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि ज्येष्ठ माह पूर्णिमा तिथि 10 जून मंगलवार सुबह 11:35 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 11 जून बुधवार को दोपहर 1:13 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर ज्येष्ठ पूर्णिमा 11 जून बुधवार को रहेगी, लेकिन पूर्णिमा के व्रत में उसी तिथि में चंद्रमा का उदित होना आवश्यक है। ऐसे में पूर्णिमा तिथि में चंद्र अर्घ्य 10 जून को होगा। इस आधार पर ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत 10 जून को रखा जाएगा।