अखिलेश ने महिला को घायल देखकर पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया, लेकिन पुलिस कंट्रोल रूम का फोन नहीं मिला। जिससे वह महिला को खुद ही एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचा। अखिलेश ने बताया कि वहां पुलिस केस बताकर उपचार करने से इनकार कर दिया, जिससे वह महिला को नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंचा, जहां उपचार के बाद महिला को रोहतक पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया। लेकिन वहां नागरिक अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस में तेल नहीं था और दूसरी एंबुलेंस लगभग आधा घंटे बाद मिली।
उसके बाद ही महिला को रेफर किया जा सका, लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। महिला के बैग में मिले मोबाइल के सहारे परिजनों से बात करने पर उसकी शनाख्त हो सकी। महिला पानीपत की रहने वाली पुष्पा (32) थी जो मजदूरी करती थी और वह सोमवार को ओमेक्स सिटी में एक अस्पताल में सफाई करने के लिए आई थी।
वहां सड़क पार करते हुए ही वह ट्रक की चपेट में आ गई। इस मामले में परिजनों ने मुरथल थाने में अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
दिल्ली के रहने वाले कपड़ा व्यापारी अखिलेश सोमवार को पानीपत में कपड़ा लेने के लिए जा रहे थे। वह आपातकालीन कक्ष में महिला को 10:40 बजे लेकर पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला की हालत गंभीर देखते हुए रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।
एंबुलेंस के लिए 10:55 बजे पर्ची दी गई तो परिसर में खड़ी एंबुलेंस में तेल डलवाने के लिए ई-मेल किया गया। तेल की अनुमति नहीं मिलने के कारण दूसरी एंबुलेंस के लिए फोन किया गया। उसके बाद महिला को 11:32 बजे एंबुलेंस मिली और उसे रेफर किया गया।
कंट्रोल रूम में 10:15 बजे से 10:32 बजे तक नहीं मिला फोन
राहगीर ने कंट्रोल में महिला के हादसे में घायल होने की सूचना देने के लिए पुलिस कंट्रोल में फोन मिलाया। वहां मौजूद राहगीरों ने बताया कि सुबह 10:15 बजे से लेकर 10:32 बजे तक फोन मिलाते रहे, लेकिन कंट्रोल रूम का नंबर नहीं मिल पाया। उसके बाद महिला को खुद ही अस्पताल लेकर गए।
जांच की जा रही है
अस्पताल से महिला की मौत होने की सूचना मिली थी। महिला ओमेक्स सिटी स्थित अस्पताल में सफाई का काम करने आई थी। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जिसकी जांच की जा रही है। कुलदीप सिंह, जांच अधिकारी, मुरथल थाना