फोटो 29- सोनीपत के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सड़
सोनीपत। वायु गुणवत्ता के गंभीर स्तर पर पहुंचने के बाद क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का चौथा चरण लागू है। इसके तहत निर्माण कार्यों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में सड़कों का पुनर्निर्माण कार्य में तेजी लाने की बात सामने आई है।
हालांकि, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह का कहना है कि सड़कों संबंधी सूचना सोमवार को जारी की गई, जबकि फोटो 3 दिन पुराना है। मुरथल विश्वविद्यालय में सड़कों की स्थिति को सुधारने के लिए 3 अक्तूबर को करीब 2.61 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया था।
पहले त्योहारी सीजन के चलते, बाद में मजदूरों के चुनाव को लेकर बिहार जाने के कारण सड़कों का पुनर्निर्माण रुक गया था। फिर अधिकारियों ने 14 नवंबर को मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रवेश द्वार पर कुछ सड़काें का सुधार करवाकर खानापूर्ति की थी। सड़कों को आपस में जोड़कर शैक्षणिक, प्रशासनिक, अन्य विभागों व छात्रावास के बीच आवागमन सुगम बनाने की योजना है।
अधिकारियों का तर्क है कि इससे विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों व आगंतुकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। सभी कार्य केवल संकाय और विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं।
वहीं, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेशों पर रविवार को ग्रैप-4 की पाबंदियों लागू होने के बाद निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। अगर ग्रैप-4 में मुरथल विश्वविद्यालय में सड़काें का पुनर्निर्माण होता है तो वह सीएक्यूएम के आदेशों की अवहेलना होगी।