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कैदी वाहन में बिट्टू जूता ठीक करने के लिए झुका तो सिपाही ने सिर से पिस्तौल सटाकर मार दी गोलियां

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घायल अजय उर्फ बिट्टू बरोणा को लेकर जाते एंबुलेंस कर्मी। - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। सोनीपत कोर्ट परिसर में वीरवार दोपहर करीब पौने एक बजे बक्शीखाना के बाहर पुलिस वाहन में बैठे बदमाश अजय उर्फ बिट्टू बरोणा को सुरक्षा में तैनात सिपाही ने ही गोलियां मार दी। अचानक गोलियों की आवाज से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। करीब 50 पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में कैदी वाहन में एक के बाद एक तीन गोलियां चलने की आवाज आई। शुरुआत में किसी को कुछ पता ही नहीं चला कि क्या हुआ है। इसी दौरान भागने का प्रयास कर रहे सिपाही महेश को रोहतक पुलिस लाइन व सिक्योरिटी में तैनात पुलिस कर्मियों ने पकड़ा तो बदमाश अजय उर्फ बिट्टू बरोणा को गोली मारने की जानकारी मिली।
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बंदियों की सुरक्षा टीम के प्रभारी रोशनलाल ने बताया कि आरोपी ज्यादा होने पर पुलिस लाइन से गार्द उपलब्ध कराई जाती है। वीरवार को आई टीम में छह सिपाही पुलिस लाइन से थे। ऐसे में वह महेश के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे। बिट्टू बरोणा ने भी सिपाही महेश से किसी प्रकार का खतरा नहीं जताया था। पुलिसकर्मी होने के कारण किसी को उस पर शक नहीं हुआ। कैदी वाहन में भी महेश लगातार बिट्टू बरोणा से बातचीत करता आया था, ऐसे में लगा था कि वह पहले भी कई बार उसको पेशी पर लाया होगा। बिट्टू को पेशी होने के बाद कैदी वाहन में बैठा दिया था। अन्य तीनों बंदी भी वाहन के अंदर थे। सभी पुलिस कर्मी बस के बाहर खड़े बातचीत कर रहे थे। उनकी बस के साथ ही जींद और गुरुग्राम के कैदी वाहन भी खड़े थे। इसी दौरान सिपाही महेश कैदी वाहन में गया और बिट्टू से बातचीत करने लगा। इसी बीच जब बिट्टू अपना जूता ठीक करने लगा तो सिपाही महेश ने अपनी कमीज के नीचे से 9 एमएम की पिस्तौल निकाली और बिट्टू के सिर से सटाकर तीन गोलियां मार दी।
उन्होंने बताया कि चौथे प्रयास में गोली मैगजीन में फंस गई। गोलियों की आवाज सुनकर पुलिसकर्मी कैदी वाहनों की साइड में खड़े हो गए। वहां मौजूद पुलिसकर्मी घटनास्थल की तरफ दौड़े। इसी दौरान सिपाही महेश कैदी वाहन से कूदकर भागता दिखाई दिया, उसके हाथ में पिस्तौल थी। रोहतक के पुलिस कर्मियों ने शोर मचाया तो सामने गुरुग्राम के पुलिस कर्मियों से उसे दबोच लिया। उसके बाद अधिकारियों को सूचना दी गई।
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रोहतक पुलिस की गार्द कैदी वाहन में वीरवार को बदमाश अजय उर्फ बिट्टू बरोणा, प्रदीप धनखड़, सुनील और सागर को पेशी के लिए लाया गया था। बिट्टू बरोणा पर करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। वीरवार को उसकी अवैध हथियार के मामले में पेशी थी। चारों आरोपियों को रोहतक जेल से सोनीपत न्यायालय तक लाने का जिम्मेदारी नौ पुलिस कर्मियों पर थी। आरोपियों को पेशी पर लाने के लिए पुलिस की दो टीम लगाई गई थी। इनमें एक टीम रोहतक पुलिस की सिक्योरिटी की थी। वह आरोपियों को लेकर न्यायालय आती थी। आरोपी सिपाही महेश इसी टीम में तैनात था। वह सोनीपत के गोहाना के गांव गामड़ी का रहने वाला है।
गोली मारने से पहले कुछ देर के लिए गायब हुआ महेश
बताया जा रहा है कि बिट्टू को गोली मारने से पहले सिपाही महेश थोड़ी देर के लिए गायब हो गया था। बंदी वाहन में बैठे थे और पुलिसकर्मी बाहर खड़े थे, लेकिन महेश नहीं था। पुलिस को आशंका है कि वह कोर्ट परिसर में या उसके बाहर किसी से मिला था। उसने ही उसे पिस्तौल उपलब्ध कराई थी। वारदात के समय भी अन्य सदस्य आसपास मौजूद रहे होंगे। कोर्ट परिसर में करीब 12 बजकर 42 मिनट पर अजय उर्फ बिट्टू को गोलियां मारी गईं, जबकि बरोणा में करीब एक बजे अजय के पिता की हत्या की वारदात हुई।
महेश के मोबाइल को लिया कब्जे में
पुलिस का कहना है कि न्यायालय परिसर की तरफ आने वाले सभी मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई जा रही है। संदिग्धों को तलाश किया जा रहा है। पुलिस ने महेश का मोबाइल कब्जे में ले लिया है। महेश से सीआईए-2 की टीम पूछताछ कर रही है।
एसपी-डीएसपी के सामने 15 लाख का लेन-देन बताया
वारदात की सूचना के बाद डीएसपी सिटी डॉ. रविंद्र कुमार न्यायालय हवालात पहुंचे। उन्होंने सिपाही महेश से बातचीत की। कुछ देर बाद एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा भी पहुंच गए। महेश ने उनको बताया कि अजय उर्फ बिट्टू बरोणा ने उसके परिचित से 15 लाख रुपये लिए थे। वह वापस नहीं कर रहा था। इसके साथ ही जान से मारने की धमकी दे रहा था। बिट्टू बरोणा पर हत्या, जानलेवा हमला करने व अन्य धाराओं के दर्जनभर मुकदमे दर्ज हैं।
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