फोटो 30- सोनीपत में ठंड से बचने के लिए अलाव सेकते युवक। संवाद
- फोटो : अजगैन-मोहान मार्ग पर मृतक अंकित के परिजनों द्वारा जाम लगाए जाने से लगी वाहनों की कतार।
सोनीपत। जिले में मौसम लगातार परिवर्तनशील बना हुआ है। रविवार को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही हवा का रुख भी बदल गया है। हवा चलने से लोगों को कोहरे से हल्की राहत मिली है। रविवार को पूर्वी हवा चलने से लोगों को एक बार फिर कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। दिन में धूप निकलने से लोगों को ठंड से आंशिक राहत मिली। शाम को सूरज ढलते ही शीतलहर ने लोगों को फिर कांपने पर मजबूर कर दिया। मौसम विशेषज्ञों ने सोमवार को हल्की बूंदाबांदी होने के आसार जताए हैं।
जिले में लोगाें को तीन दिन से घने कोहरे का सामना करना पड़ रहा था। शनिवार तक उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही थी, लेकिन रविवार को हवा का रुखी फिर से पूर्वी हो गया। शीतलहर चलने से लोगों को कोहरे से राहत मिली है। हालांकि पूर्वी हवा ने ठंड बढ़ाने का काम किया है। हवा चलने से रविवार सुबह कोहरे का प्रभाव कम नजर आया। सुबह करीब 11 बजे धूप निकलने से कोहरा छंटता चला गया। इससे हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। हालांकि जिले के न्यूनतम व अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 16.3 डिग्री व न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 15.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन भर आठ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से शीतलहर चलती रही।
बारिश से फसल को होगा फायदा
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोमवार को जिले में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जिले में बारिश होती है तो कृषि क्षेत्र को काफी फायदा पहुंचेगा। कई दिनों से मौसम में कोहरा छाया हुआ है, जो रबी सीजन की अधिकतर फसलों के लिए फायदेमंद नही है। इससे सरसों की ग्रोथ रुकती है। गेहूं में भी कई प्रकार की बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में बारिश होने से फसलों को फायदा पहुंचेगा।
-दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। जिससे सोमवार को कुछ क्षेत्रों में बारिश के आसार बन रहे हैं। वहीं रविवार को हवा का रुख फिर बदला गया है। पूर्वी हवा चलने से लोगों को फिर कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा है। जनवरी माह में एक के बाद एक कई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का अनुमान है। सप्ताह के अंत तक लोगों को कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ सकती है।
डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, जगदीशपुर