दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग पर रविवार देर रात उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के इंजन में उलझकर व्यक्ति एक किलोमीटर तक घिसटता चला गया। हादसे में व्यक्ति का शव लोथड़ा बन गया और उसके शरीर के अंग दूर तक रेलवे ट्रैक पर बिखर गए। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने क्षत-विक्षत शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। मृतक निर्वस्त्र मिला है और दूर तक उसके जूते, कपड़े व अन्य सामान भी नहीं मिला, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।
जीआरपी थाने के कंट्रोल रूम में रविवार रात करीब 10:30 बजे सूचना मिली कि सांदल कलां रेलवे स्टेशन पर नई दिल्ली से कटरा जाने वाली गाड़ी संख्या 02445 उत्तर संपर्क क्रांति की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने जांच की तो ट्रेन के इंजन में व्यक्ति का एक पैर व शरीर का कुछ मांस फंसा हुआ था, जिसे इंजन से निकालकर ट्रेन को रवाना किया गया। मृतक के शरीर के अंग रेलवे ट्रैक पर दूर तक बिखरे पड़े थे। शव को पहचानना मुश्किल था। जीआरपी ने बिखरे अंगों को एकत्र किया और पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल भिजवाया।
दो किलोमीटर तक नहीं मिला सामान, हत्या की आशंका
हादसे में लोथड़ा बन चुके मृतक के शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था। जीआरपी ने देर रात घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर की दूरी तक जांच अभियान चलाया, लेकिन कोई कपड़ा, जूता या अन्य सामान नहीं मिला। इससे आशंका जताई जा रही है कि किसी ने हत्या कर शव निर्वस्त्र कर ट्रैक पर फेंका है, ताकि हत्या को हादसे का रूप दिया जा सके। जीआरपी हर पहलू से जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी राज
सांदल कलां रेलवे स्टेशन पर हत्या कर शव ट्रैक पर फेंका गया था या फिर ट्रेन की चपेट में आने से ही व्यक्ति की मौत हुई है। इसका खुलासा अब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। जीआरपी पोस्टमार्टम का इंतजार कर रही है। इस मामले में अगली कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
वर्जन
उत्तर संपर्क क्रांति की चपेट में आने से व्यक्ति का शव क्षत-विक्षत हो चुका है। शरीर के अंग एक किलोमीटर तक बिखरे मिले हैं। रेलवे ट्रैक पर दूर तक कोई कपड़ा, जूता या अन्य सामान न मिलने से आशंका जताई जा रही है कि हत्या कर शव निर्वस्त्र कर ही यहां फेंका गया हो। मृतक की उम्र करीब 45 वर्ष आंकी जा रही है। शव की शनाख्त नहीं हो पाई है। जीआरपी शनाख्त का प्रयास कर रही है।
- सतेंद्र सिंह, जांच अधिकारी, जीआरपी, सोनीपत