फोटो: सोनीपत के एक गांव में ग्रामीणों को बाल विवाह के बारे में जानकारी देते पैनल अधिवक्ता। स्र
सोनीपत। विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने गांव हलालपुर व खिजरपुर जटमाजरा के सरकारी स्कूलों में जागरूकता शिविर लगाया। पैनल अधिवक्ता विकास सैनी व उदित ने विद्यार्थियों व ग्रामीणों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन गोपनीयता, साइबर अपराध, फेक प्रोफाइल, साइबर बुलिंग एवं डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी दी।
वक्ताओं ने समझाया कि इंटरनेट पर की गई छोटी सी लापरवाही भविष्य में गंभीर कानूनी और सामाजिक समस्याओं का कारण बन सकती है।
उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डाली गई सामग्री लंबे समय तक बनी रहती है। गलत उपयोग होने पर व्यक्ति को मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे तकनीक का उपयोग ज्ञान, शिक्षा और सकारात्मक उद्देश्यों के लिए करें। उन्होंने बाल विवाह के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है बल्कि यह कानूनन अपराध भी है।
उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह में शामिल होने, कराने या प्रोत्साहित करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। यह भी बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास में गंभीर बाधा उत्पन्न करता है।