हिसार में किसानों के साथ हुई घटना को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा भड़क गया है और सरकार को इसका कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी गई।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि किसानों ने पहले ही भाजपा और जजपा नेताओं को किसी कार्यक्रम में नहीं जाने देने का एलान किया हुआ था। हिसार के कार्यक्रम को लेकर भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल को नहीं आने देने की चेतावनी दी गई थी। मगर उसके बाद भी कार्यक्रम रखकर मुख्यमंत्री को बुलाया गया और इस तरह से किसानों को उकसाया जा रहा है।
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल, दर्शनपाल, जगजीत सिंह दल्लेवाल, गुरनाम सिंह चढूनी, युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव, अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि जब से किसान आंदोलन चल रहा है, उसी समय से भाजपा और जजपा का विरोध हो रहा है। किसानों ने उनका बहिष्कार करने का एलान किया हुआ है। उन्होंने कहा कि उसके बाद भी भाजपा और जजपा नेता कार्यक्रम रखवा रहे हैं, जिससे किसानों को उकसाकर माहौल खराब किया जा सके। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को उकसाकर माहौल बिगाड़ने के लिए कोरोना अस्पताल का कार्यक्रम रखा गया। जिसका किसान केवल विरोध करने गए थे, लेकिन किसान नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने किसानों पर लाठियां बरसाई, आंसू गैस के गोले चलाए। किसान नेताओं ने कहा कि वहां काफी किसानों को चोट आई है तो महिला किसान भी घायल हुई है। किसान नेताओं ने कहा कि इस तरह किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
कुंडली बॉर्डर से घटनास्थल पर पहुंचे किसान
हिसार की घटना के बाद रविवार को कुंडली बॉर्डर से किसान घटनास्थल पर पहुंचने शुरू हो गए। बॉर्डर से ट्रॉलियों में सवार होकर किसान वहां गए। वहीं किसान नेताओं ने कहा कि जल्द ही अगली रणनीति तय करके सरकार को जवाब देंगे। किसान नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केंद्र सरकार के खिलाफ है, लेकिन प्रदेश सरकार बीच में आकर किसानों का उत्पीड़न करती है तो उसको भी सबक सिखाया जाएगा।