रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में गिरफ्तार अस्पताल कर्मी से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे इंजेक्शन उपलब्ध कराने के आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी गांव राजलुगढ़ी का रहने वाला अमन है। वह सोनीपत के मिशन चौक स्थित निजी अस्पताल का कर्मी है। पुलिस ने अमन को भी अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में पूरी चेन होने की संभावना है। जिसे देखते हुए बारीकी से जांच की जा रही है।
सीआईए-1 में नियुक्त एएसआई मंदीप सिंह ने सिविल लाइन थाना पुलिस को बताया था कि कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए लगाई ड्यूटी में उनकी टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार मनोज के साथ गश्त पर थी। इस दौरान उन्होंने सूचना के आधार पर सामान्य अस्पताल के पीछे से कार सवार ऑस्कर अस्पताल के कर्मी मूलरूप से गांव पिनाना फिलहाल सेक्टर-14 निवासी अनिल को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसके पास नकली ग्राहक बनाकर भेजे गए एचसी निरंजन के साथ आरोपी ने एक इंजेक्शन का सौदा 28 हजार रुपये में किया था। साथ ही चार हजार रुपये ले लिए थे। पुलिस ने उसे काबू कर हैटरो कंपनी व लाइफिलीजाइड कंपनी के दो इंजेक्शन बरामद किए थे। उसने बताया था कि वह इंजेक्शन राजलुगढ़ी के युवक से लेकर आया था। उसने युवक का नाम नहीं बताया था। बाद में सीआईए की टीम ने देर रात उसे इंजेक्शन उपलब्ध कराने के आरोपी अमन निवासी राजलुगढ़ी को भी काबू कर लिया। वह भी मिशन चौक स्थित एक निजी अस्पताल में कर्मी है। पुलिस ने उसे दो दिन के रिमांड पर लिया है। जिससे मामले से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाए जा सके। पुलिस मामले में पूरी चेन का खुलासा करने का प्रयास कर रही है।
निजी अस्पतालों की हो सकती है जांच
पुलिस टीम का कहना है कि मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी निजी अस्पतालों के कर्मी है। ऐसे में पुलिस टीम निजी अस्पतालों में जांच कर सकती है। मामले में चेन होने की संभावना से मना नहीं किया जा सकता। पुलिस पूरी जांच की इसका खुलासा करेगी।
रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले में इंजेक्शन उपलब्ध कराने के आरोपी को भी काबू कर लिया है। वह भी निजी अस्पताल में कर्मी है। पुलिस टीम पूरे मामले की बारीकी से जांच कर इसका पर्दाफाश करेगी। जिसकी भी भूमिका होगी उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
रवींद्र कुमार, प्रभारी, सीआईए-1