सोनीपत/गन्नौर। साइबर अपराधियों ने दो महिलाओं को झांसे में लेकर उनसे 7.70 लाख रुपये ठग लिए। गोहाना की महिला के मोबाइल फोन पर एपीके फाइल भेज कर 3.70 लाख और गन्नौर की महिला को भांजा बनकर चार लाख ठग लिए। संबंधित थानों की पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
गांव जवाहरा निवासी मीना कुमारी ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि 26 दिसंबर 2025 को उनके मोबाइल फोन पर किसी व्यक्ति की कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को किसी सेवा से जुड़ा हुआ बताते हुए एक एपीके फाइल डाउनलोड करवाई।
फाइल डाउनलोड करते ही उनकी मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद उनके बैंक खाते से 26 दिसंबर 2025 से 4 जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों को कुल 3,70,840 रुपये निकाल लिए। यह राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है।
उनके खाते से करीब 123 बार ट्रांजेक्शन की गई है। पीड़िता ने बताया कि ठगों ने फर्जी वेबसाइट और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोले गए खातों का इस्तेमाल किया है। घटना का पता चलने पर उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
भांजा बनकर की कॉल, 4 लाख रुपये ऐंठे
गन्नौर की रहने वाली हरदीप कौर के पास साइबर ठगों ने भांजा बनकर कॉल की। 16 जनवरी को उनके मोबाइल पर कॉल आई कि आपका भांजा गुरदीप हूं। उसके दोस्त को गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसे तुरंत पैसों की जरूरत है।
कॉलर ने हरदीप से कहा कि उसने 9.80 लाख रुपये उनके खाते में भेज दिए हैं लेकिन बैंक की तकनीकी खराबी के कारण संदेश नहीं आया। इसके बाद बैंक कर्मचारी बनकर एक अन्य नंबर से भी कॉल आई। उसने भी खाते में रुपये आने की बात कही।
वीडियो कॉल करने को कहा तो ठगी का पता लगा
झांसे में आकर हरदीप कौर ने सेंट्रल बैंक से आरटीजीएस के जरिए 4 लाख रुपये बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। जब दोबारा पैसे मांगे गए तो महिला के पति ने पहले खाता में रुपये की जांच करने के लिए कहा। साथ ही कॉल कर रहे गुरदीप को वीडियो कॉल करने के लिए कहा। उसने वीडियो कॉल करने से इन्कार कर दिया। तब शक हुआ और गुरदीप की मां को कॉल की तो ठगी का पता लगा। गन्नौर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।