खरखौदा। जाली हस्ताक्षर कर पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार करवाकर गाड़ियां छुड़वाने के आरोप में पुलिस ने दो आरोपी शमशेर और रवींद्र गांव खांडा को गिरफ्तार किया है।
थाना खरखौदा में वर्ष 2023 में दर्ज मुकदमे में पुलिस ने अवैध शराब से भरी दो गाड़ियां जब्त की थीं। बाद में अदालत से सुपरदारी आदेश हासिल कर दोनों गाड़ियां छुड़वा ली गई थीं।
जांच में पता चला कि इन गाड़ियों को छुड़वाने के लिए अदालत में जाली पावर ऑफ अटॉर्नी पेश की गई थी। झज्जर निवासी महिला (जिसके नाम पर एक गाड़ी रजिस्टर्ड थी) ने पुलिस को लिखित में शिकायत दी।
उसने कहा कि उसने गाड़ी खरीदी थी। उसका बीमा भी करवाया था लेकिन 2021 में दुर्घटना के बाद बीमा कंपनी ने उसे टोटल लास घोषित कर स्क्रैप में बेच दिया था। महिला ने स्पष्ट किया कि उसने किसी को भी गाड़ी की पावर ऑफ अटॉर्नी नहीं दी। न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं।
तफ्तीश के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के शपथ पत्र भी हासिल किए। इनमें आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने गांव के ही संजय और उसके बेटों अमन व रोहित के कहने पर फर्जी हस्ताक्षर किए थे। उनके बहकावे में आकर गाड़ियां छुड़वाकर उन्हीं को सौंप दी गईं।
पुलिस ने इस पूरे मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी शमशेर और रवींद्र को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।