सोनीपत। जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में सब्सिडी के नाम पर गड़बड़झाला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बागवानी विभाग के अधिकारियों व कर्मियों ने मिलकर पांच किसानों के फर्जी प्रशिक्षण प्रमाण पत्र बनाकर किसी अन्य के शेड को उनका दिखा सब्सिडी जारी कर दी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने छापा डालने के बाद 2.55 लाख के गबन का खुलासा किया है। सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता करनाल में नियुक्त एसआई राज सिंह ने सदर थाना पुलिस को बताया कि सूचना मिली थी कि जिला बागवानी विभाग में कुछ अधिकारी व कर्मी किसानों के साथ मिलीभगत कर गड़बड़ी कर रहे हैं। सरकार की तरफ से जारी होने वाली सब्सिडी राशि हेराफेरी कर नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस पर 30 जनवरी को उनकी टीम ने जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में निरीक्षण किया था। तब जिला उद्यान अधिकारी प्रमोद कुमार कार्यालय में मिले थे। उनके सामने किसानों को दी जाने वाली मशरूम फार्मिंग एंड कल्टीवेशन, बंबू स्टेकिंग व प्लास्टिक टनल के रिकॉर्ड की जांच की गई थी। मशरूम फार्मिंग एंड कल्टीवेशन की अनुसूचित जाति को दी जाने वाली स्कीम के रिकॉर्ड की जांच में गांव भठगांव के सात किसानों को 51-51 हजार रुपये सब्सिडी दिए जाने का पता लगा। किसानों में संदीप, विकास, भगत सिंह, सुमित, सितेंद्र, नवीन व सुरेंद्र शामिल थे।
रिकॉर्ड की जांच में गड़बड़ी आई सामने
जांच में पता लगा कि स्कीम के लाभार्थी को उद्यान विभाग के प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षित किए जाने का प्रमाण पत्र आवेदन के साथ लगाना होता है। फाइल में लगे प्रशिक्षण प्रमाण पत्र की जांच महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय मशरूम अनुसंधान केंद्र मुरथल में कराई गई। यहां पता लगा कि सात किसानों में से नवीन व सुरेंद्र ने ही प्रशिक्षण लिया था। पांच अन्य के प्रशिक्षण प्रमाण पत्र फर्जी मिले।
ऐसे सामने आया मामला
आरोप है कि बागवानी विभाग के फील्डमैन चांद राम ने किसानों से प्रति प्रमाण पत्र चार हजार रुपये मांगे थे। बाद में प्रति प्रमाण पत्र तीन हजार रुपये दिए गए। सियाराम नाम के किसान ने परिवार पांच लोगों के नाम पर आवेदन कराए और चांद राम को 15 हजार रुपये दिए। आरोप है कि सब्सिडी की आधी राशि अधिकारियों को दी जानी थी।
सियाराम के मशरूम के शेड पांच किसानों के बता किया सत्यापन
आरोप है कि सियाराम ने मशरूम के 14 शेड लगा रखे हैं, जिसमें से पांचों किसानों के दो-दो शेड बताकर सत्यापन कर दिया गया। बागवानी अधिकारी ज्वाला पर फर्जी मौका निरीक्षण करने व जिला उद्यान अधिकारी प्रमोद कुमार पर बिना दस्तावेजों की जांच किए तकनीकी अनुमति और सेक्शन देकर बिल पास करने का आरोप है। आरोप है कि सियाराम ने अपने स्टेट बैंक खाते से 42 हजार रुपये और 8 हजार रुपये अपने पास से चांद राम को दिए।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की तरफ से जांच के बाद बागवानी विभाग के अधिकारियों, कर्मी व किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मामले का रिकॉर्ड लेकर गहनता से जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी।
- इंस्पेक्टर उमेश कुमार, थाना प्रभारी, सदर सोनीपत