सोनीपत के खरखौदा-बरोणा मार्ग पर सड़क किनारे आग से झुलसे हुए पेड़। संवाद
खरखौदा। बरोणा, रोहतक और थाना कलां मार्ग सहित कई अन्य मार्गों के किनारे गेहूं के अवशेषों को जलाया जा रहा है। इसके चलते सड़क किनारे खड़े पेड़ भी जल गए हैं। कई पेड़ इस हालत में पहुंच गए हैं कि वह अब दोबारा से पनप नहीं पाएंगे। इस तरह से लगातार वन क्षेत्र में नुकसान पहुंचाया जा रह है, लेकिन वन विभाग की ओर से अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है।
फसल कटाई के बाद अकसर फसल अवशेषों को आग के हवाले कर दिया जाता है, जिसके कारण हरे पेड़ भी इस आग की भेंट चढ़ जाते हैं। यही नजारा क्षेत्र की कई सड़कों के किनारे पर देखने को मिल रहा है। जिसके कारण सीधे तौर पर ना केवल प्रदूषण बढ़ रहा है बल्कि उसी प्रदूषण को खत्म करने वाले पेड़ों के जल जाने से पर्यावरण को सीधा नुकसान हो रहा है। उधर वन अधिकारी भगत सिंह का कहना है कि जिन्होंने सड़क किनारे वृक्षों को नुकसान पहुंचाया है, उसकी जांच कराई जाएगी और उन पर जुर्माना किया जाएगा। पिछले वर्ष करीब 10 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना किया जा चुका है।