जाट आरक्षण आंदोलन के चलते पिछले चार दिनों से बंद पड़े दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग का जायजा लेने सोमवार को रेलवे के सीनियर डीएससी सोनीपत स्टेशन पहुंचे। उन्होंने आरपीएफ थाना पहुंचकर रेलवे सुरक्षा बल के कर्मचारियों व स्टेशन अधीक्षक से मुलाकात की और सोनीपत-दिल्ली के बीच ट्रेन चलाने के लिए मोटर ट्राली से रेलवे लाइन को क्लीयर करने के निर्देश दिए।
चौथे दिन भी सोमवार को सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा छाया रहा। रविवार को गन्नौर रेलवे स्टेशन पर हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद स्टेशन पर बिजली, रेलवे मार्ग की ओएचई लाइन तक बंद करवा दिया गया, ताकि कोई बड़ा हादसा होने से टल जाए। सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सोमवार को भी पहले की तरह पश्चिम एक्सप्रेस व कोचुवेली-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन खड़ी रही।
सोमवार दोपहर को दिल्ली वेस्ट रेलवे के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त परम शिव ने आरपीएफ थाना का दौरा कर सुरक्षा बल के कर्मचारियों से मुलाकात की। इसी दौरान उन्होंने स्टेशन अधीक्षक विजय सिंह से भी मुलाकात की। मुलाकात के दौरान परमशिव ने बताया कि दिल्ली-अंबाला रेल मार्ग के संबंध में डीआरएम सहित अन्य अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है।
सोनीपत से दिल्ली की बीच ट्रेनों का आवागमन हो सके, आरपीएफ टीम की ओर से नरेला से राठधना रेलवे स्टेशन तक रेलवे लाइन का पैदल निरीक्षण हो चुका है। सोनीपत से राठधना से बीच मोटर ट्राली से निरीक्षण किया जाए। इस दौरान स्टेशन अधीक्षक, रेलवे पीडब्लूआई, आरपीएफ कर्मचारी भी मौजूद रहे।