सोनीपत। लोकतंत्र के महापर्व में शनिवार को महिला मतदाताओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। पोलिंग बूथों पर लाइनों में लगी आधी आबादी को न बच्चों को स्कूल भेजने की जल्दी थी और न ही पति का लंचबॉक्स तैयार करने की चिंता। लोकतंत्र के इस महापर्व में उन्होंने अपनी अहमियत को बखूबी समझा।
जिले में 5 लाख 64 हजार 998 महिला मतदाता हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अपनी परंपरा को बरकरार रखते हुए महिलाओं ने घूंघट की ओट में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रत्याशियों का भविष्य क्या होगा, इस पर महिलाओं ने भी अपनी मुहर लगाई है। विधानसभा चुनाव में पुरुषों के साथ-साथ महिला मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला। महिलाएं घूंघट की ओट में सुबह से ही बूथों पर वोट डालने के लिए पहुंचना शुरू हो गई थीं। महिलाओं की उमड़ी भीड़ को देखकर लग रहा था कि इस बार महिलाएं वोट डालने के प्रति पहले से ज्यादा जागरूक है। घर के कामकाज निपटाकर अधिकतर महिलाएं एकत्रित होकर मतदान केंद्रों पर वोट डालने पहुंची और घूंघट की ओट में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
महिलाओं का कहना था कि वह बड़ों के सम्मान में घूंघट (पर्दा) करती हैं। यह हमारी परंपरा है। मतदान करना भी हमारी जिम्मेदारी है। इसको पूरा करने के लिए आए हैं। उनका कहना था कि चूल्हा चौका तो रोज का काम है। आज महापर्व है, ऐसे में वह सब काम काज छोड़कर पहले अपने बूथ पर मतदान करने आईं है। उन्होंने घूंघट की आड़ में विकास, महिला सशक्तीकरण व रोजगार जैसे मुद्दों को ध्यान में रखकर मतदान किया है। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रत्याशी का चयन कर मजबूत सरकार का गठन किया जा सकता है।