महिला उत्पीड़न रोकने के लिए लगातार पहल की जा रही है। इसी कड़ी में अब पुलिस-पब्लिक मिलकर महिला उत्पीड़न पर रोक लगाएंगी। पुलिस ने इसे लेकर चलाए जा रहे आपरेशन दुर्गा को मजबूती देने के लिए यश (यूथ अगेंस्ट सेक्सुअल हरासमेंट) कार्यक्रम का भी शुभारंभ करने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिले में लोगों को परामर्शदाता व स्वयं सेवक के रूप में जोड़ा जाएगा। उन सभी को छेड़छाड़ रोकने के लिए चल रही मुहिम से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम से जुड़े लोग छेड़छाड़ जैसी वारदात की सूचना पुलिस तक पहुंचाएंगे। इस कार्यक्रम से जुड़ने से लिए विभाग ने ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं।
स्वयं सेवक जुड़ेंगे लोगों से
जिले में शुरू किए जा रहे यश कार्यक्रम से युवाओं के साथ ही हर तबके के लोगों को जोड़ा जाएगा। इसमें स्कूल, कॉलेज, सामाजिक संगठन, एनएसएस स्वयं सेवक, एनसीसी कैडेट, फैक्टरी से जुड़े कर्मी व यूनियनों के सदस्य, पत्रकार, पंचायत व अन्य निकाय से जुड़े प्रतिनिधि भी शामिल हो सकते हैं। इन सभी का पुलिस थाने में पंजीकरण होगा। स्वयं सेवक व परामर्शदाता बनने वाले सभी सदस्य लोगों से जुड़कर उनका समर्थन हासिल करेंगे। साथ ही नुक्कड़ नाटकों व लोगों के बीच जाकर महिला सुरक्षा का संदेश देंगे। वह लोगों को महिलाओं के साथ समान व्यवहार करने के साथ ही उनकी इज्जत करने के लिए प्रेरित करेंगे।
पुलिस ने जारी की वेबसाइट
इस अभियान से जुड़ने के लिए पुलिस की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट महिलापुलिसस्टेशन डॉट इन पर लॉगिन कर सदस्य बना जा सकता है। साथ ही थाने में जाकर भी इसका सदस्य बन सकते हैं। इस साइट पर महिलाएं भी अपनी राय दे सकती हैं।
महिला उत्पीड़न व छेड़छाड़ रोकने के लिए अब आपरेशन यश शुरू किया गया है। इससे जुड़ने के लिए किसी भी सदस्य को वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। इसमें सदस्य का नाम-पता, ईमेल आईडी भरनी होगी। जिले में अधिक से अधिक लोगों को यश कार्यक्रम से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
-मुकेश जाखड़, डीएसपी मुख्यालय।