सोनीपत। जिले में साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को निशाना बनाकर 3.21 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने कहीं फर्जी कंपनी बनकर सस्ता औद्योगिक सामान देने का झांसा दिया। बैंक अधिकारी बनकर क्रेडिट कार्ड बंद कराने के नाम पर बैंकिंग जानकारी हासिल की। एक अन्य मामले में मोबाइल हैक कर बैंक खाते से रकम निकाल ली। तीनों मामलों में साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस1
फर्जी कंपनी बनकर उद्योगपति से 1.17 लाख की ठगी
गांव चौहान जोशी निवासी उद्योगपति विनित ने शिकायत में बताया कि व्हाट्सएप पर खुद को ऑटोमेशन कंपनी का संचालक बताने वाले हंसार्थ ने कम कीमत पर औद्योगिक सामान उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने प्रोफार्मा इनवॉइस, जीएसटी नंबर और बैंक खाते की जानकारी भेजकर अग्रिम भुगतान मांगा। इस पर उन्होंने अलग-अलग माध्यमों से 1,17,463 रुपये ट्रांसफर कर दिए। भुगतान के बाद न तो सामान भेजा गया और न ही आरोपी ने फोन उठाया। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
केस 2
बैंक अधिकारी बनकर 1.01 लाख रुपये निकाले
बहालगढ़ निवासी संजय ने शिकायत में बताया कि उन्हें व्हाट्सएप कॉल पर एक युवती ने खुद को निजी बैंक की कर्मचारी बताया। उसने पहले क्रेडिट कार्ड भेजने के बहाने पता और ओटीपी लिया। इसके बाद आदित्य नाम बताने वाले एक युवक ने बैंक अधिकारी बनकर मोबाइल बैंकिंग एप पर प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर अन्य जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनके बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से 1,01,937 रुपये निकाल लिए गए। शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
केस 3
मोबाइल हैक कर खाते से 1.01 लाख रुपये उड़ाए
मूल रूप से उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के गांव बिरिया मझौला निवासी चंदन ने शिकायत में बताया कि वह वर्तमान में गांव लिवान में रहकर एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उनके मोबाइल पर संदिग्ध संदेश आने के बाद फोन हैक हो गया। इसके बाद सिस्टम अपडेट के संदेश आने लगे और कुछ ही देर में यूपीआई के माध्यम से उनके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन में 1,01,800 रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने तुरंत बैंक खाता बंद कराया और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।