कहीं कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर तो कहीं कार्ड की लिमिट बढ़ाने का दिया झांसा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। जिले में साइबर ठगी के चार अलग-अलग मामले सामने आए। तीन अगल-अलग मामलों में तीन लोगों से 5.17 लाख रुपये ठग लिए। साइबर ठगी में इस्तेमाल कराने के लिए बैंक खाते और इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी देने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। ठगों ने फर्जी कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम कराने का झांसा दिया।
फर्जी कस्टमर केयर नंबर से 2.56 लाख ठगे
सेक्टर-35 जिंदल ग्लोबल सिटी निवासी सुदीप कुमार द्विवेदी ने साइबर थाना में शिकायत दी। उन्होंने बताया कि वह केआईआईटी पोर्टल का पासवर्ड रीसेट करने के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर तलाश रहे थे। इस दौरान मिले मोबाइल नंबर पर कॉल की। सामने वाले ने खुद को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताया।
आरोपी ने व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर पांच रुपये** का भुगतान करने को कहा। भुगतान के बाद मोबाइल पर आने वाली कॉल और एसएमएस फॉरवर्ड होने लगे। उन्हें करीब पांच मिनट तक होल्ड पर रखा गया। इसी दौरान क्रेडिट कार्ड से चार अनधिकृत लेनदेन हुए। कुल **2,56,340 रुपये** निकाले गए। पीड़ित ने कार्ड ब्लॉक कराया और 1930 पर शिकायत दी।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा, 1.30 लाख उड़ाए
सोनीपत गेट, गोहाना निवासी रमन कुमार ने शिकायत में बताया कि एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को पंजाब नेशनल बैंक का कर्मचारी बताया। आरोपी ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया। इसके बाद मोबाइल पर कॉल फॉरवर्डिंग से संबंधित संदेश आया और ओटीपी आने लगे।
रमन के अनुसार उनकी अनुमति के बिना आरबीएल क्रेडिट कार्ड से 65,012 रुपये, 32,512 रुपये और 32,512 रुपये तथा आईसीआईसीआई क्रेडिट कार्ड से 349 रुपये का लेनदेन हुआ। कुल 1,30,385 रुपये डेबिट हुए।
रिवॉर्ड पॉइंट के नाम पर 1.31 लाख की ठगी
सेक्टर-23 निवासी सरकारी शिक्षक विशाल ने साइबर थाना में शिकायत दी। उनके अनुसार 14 सितंबर को एक महिला ने फोन कर खुद को आईसीआईसीआई बैंक की कर्मचारी बताया। महिला ने क्रेडिट कार्ड के करीब पांच हजार रिवॉर्ड पॉइंट खत्म होने की बात कही और उन्हें रिडीम कराने का झांसा दिया। महिला ने व्हाट्सएप पर लिंक भेजा। लिंक पर जानकारी भरने के बाद उसने प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर ओटीपी मांगा। ओटीपी बताते ही क्रेडिट कार्ड से 1,30,999 रुपये डेबिट हो गए। पीड़ित ने बैंक को सूचना दी और 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
पांच हजार रुपये में खाते उपलब्ध कराने का आरोप, एक गिरफ्तार
साइबर थाना पुलिस ने संदिग्ध म्यूल बैंक खातों के खिलाफ अभियान के तहत सोनीपत निवासी कमल गोयल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आई4सी पोर्टल पर मिले एक संदिग्ध खाते की जांच में पता चला कि उसके खिलाफ तेलंगाना में साइबर शिकायत दर्ज है। जांच में खाते का संबंध कमल गोयल से मिला। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने अपना और पत्नी का बैंक खाता, एटीएम कार्ड तथा इंटरनेट बैंकिंग की यूजर आईडी और पासवर्ड साइबर ठगी में इस्तेमाल कराने के लिए गांव सलीमसर माजरा निवासी पवन को पांच हजार रुपये में उपलब्ध कराने की बात कही। पुलिस ने कमल के खिलाफ धारा 112(2) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
साइबर अपराध में म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को दूसरे खातों में भेजने या उसकी पहचान छिपाने के लिए किया जाता है। कुछ खाताधारक कमीशन के लालच में खाते उपलब्ध कराते हैं। ऐसे मामलों में खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
अनजान लिंक और कॉल से रहें सावधान
साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर पवन कुमार ने कहा कि अनजान कॉल, संदेश या लिंक पर भरोसा न करें। कस्टमर केयर नंबर संबंधित बैंक या संस्था की आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें। क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम कराने या केवाईसी अपडेट के नाम पर बैंकिंग जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा कि ओटीपी, यूपीआई पिन, कार्ड नंबर, सीवीवी और इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड किसी को न बताएं। अनजान एप डाउनलोड न करें। ठगी होने पर तुरंत बैंक और 1930 पर सूचना दें।