सोनीपत। तीन दिन की छुट्टी के बाद बुधवार को जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ देखने के लिए मिली। सुबह 08 से दोपहर 02 बजे तक 1700 से ज्यादा मरीज उपचार करवाने के लिए पहुंचे।
इसमें सबसे अधिक संख्या वायरल बुखार, सर्दी, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ वालों की रही। 600 मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित आए। बुधवार को गांव नगर से डेंगू का एक मरीज मिला। इसके साथ ही मरीजों की संख्या बढ़कर 57 हो गई है।
मौसम में परिवर्तन के चलते मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह उमस भरा वातावरण और लोगों की कमजोर होती रोग प्रतिरोधक क्षमता मानी जा रही है। वायरल बुखार बच्चे, जवान और बुजुर्गों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। इस बुखार के उतरने पर भी लोग परेशान रहते हैं।
बुखार की चपेट में आने वाले मरीजों को सर्दी, खांसी व गले में तेज दर्द की परेशानी होती है। वायरल बुखार के साथ सिर दर्द, बदन दर्द, सांस और पेट से संबंधित बीमारी से जुड़े मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह से ही मरीज अस्पताल में पहुंचने लगे थे। अधिकांश मरीज सुबह 8 बजे से पहले ही पहुंच गए थे। वे ओपीडी खुलने का इंतजार करते रहे।
इसके अलावा संक्रामक रोगों के भी कई मामले सामने आ रहे हैं। अब मरीजों की डेंगू के साथ टायफायड, मलेरिया की रिपोर्ट भी आने लगी है। इसके अलावा लिवर, बीपी, थायराइड और मधुमेह के मरीज भी बड़ी संख्या में मिल रहे हैं। खानपान में लापरवाही, तनावपूर्ण जीवनशैली और नियमित स्वास्थ्य जांच की कमी के चलते इन बीमारों की संख्या बढ़ी है।
एक सप्ताह में डेंगू के 11 केस मिले
घरों के आसपास जमा हुए पानी में मच्छर पनप रहे हैं। डेंगू का डंक हर किसी को सप्ताह रहा है। 16 सितंबर तक डेंगू के मामले 46 थे जो अब बढ़कर 57 हो गए हैं। बुधवार को गोहाना के गांव नगर में एक डेंगू का मरीज मिला था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया जा रहा है लेकिन हकीकत में डेंगू के केस बढ़ रहे हैं।
जिला डेंगू अधिकारी डॉ. आशा सहरावत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही है। जलभराव वाले क्षेत्रों में दवा का लगातार छिड़काव किया जा रहा है ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। इसके साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के उपाय बता रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे लापरवाही न बरतें। विभाग के साथ सहयोग करें ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।