सुरक्षा उपाय
उपायुक्त ने बताया कि यमुना नदी के आसपास के गांवों में मुनादी के माध्यम से लोगों को नदी के किनारे या बांध के अंदर न जाने की चेतावनी दी जा रही है। क्षेत्र की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। कंट्रोल रूम के माध्यम से पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
आपातकालीन व्यवस्था
अतिरिक्त अधिकारियों को गांवों के सरपंचों और नंबरदारों के साथ समन्वय स्थापित कर स्कूलों, चौपालों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर ग्रामीणों और पशुधन के लिए अस्थायी ठहरने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपयोग में लाई जा सकेगी।
बाढ़ का खतरा
हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया 2,72,645 क्यूसेक पानी सोनीपत तक पहुंचने में लगभग 30 घंटे का समय लेगा। पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में पानी एक साथ छोड़े जाने के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: Ambala: तेज बारिश से गिरी घर की छत, मलबे में दबे तीन लोग, अस्पताल में चल रहा इलाज