फोटो 23: सोनीपत अनाज मंडी में लगी गेहूं की ढेरियां व बैग। संवाद
सोनीपत। मंडियों में बारिश से गेहूं को बचाने के लिए प्रबंध नहीं थे। मंडी प्रशासन ने बारिश के मौसम को देखते हुए तिरपाल की व्यवस्था करने का दावा किया था और कुछ ही ढेरियों पर तिरपाल रखा गया था।
शुक्रवार शाम को हुई बारिश की वजह से मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भीग गया, जिससे उसमें नमी बढ़ गई। गेहूं भीगने की वजह से उठान कम हो सका और नमी युक्त गेहूं की खरीद नहीं की गई। इससे किसानों को पेरशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में करीब 2.50 लाख क्विंटल गेहूं भीगा हुआ है।
जिन किसानों का गेहूं शेड के नीचे पड़ा था या ट्रॉली में भरकर घरों में खड़ा कर रखा था, उनका ही गेहूं खरीदा जा सका। मंडियों में करीब 20 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदा गया। गेहूं की कटाई में जुटे किसानों को मौसम ने परेशान कर दिया है। नमी होने की वजह से शनिवार को गेहूं की कटाई नहीं हो सकी। किसानों ने बताया कि दो-तीन दिन तक कटाई नहीं कर सकेंगे। दूसरी तरफ मंडियों में पड़ा गेहूं भीगने की वजह से दो-तीन दिन नहीं बिकेगा। किसानों ने बताया कि गांवों में बनाए गए खरीद केंद्र में गेहूं की ढेरियां खुले आसमान के नीचे पड़ी रहती हैं, जो बारिश होने पर भीग जाती हैं। उनको खुद तिरपाल का इंतजाम करना पड़ता है। खरीद केंद्रों में बारिश से उनके खुद के बचने के लिए कोई प्रबंध नहीं होता है तो गेहूं की ढेरियों को बचाने के लिए इतना प्रबंध कैसे होगा।
फोटो 23: सोनीपत अनाज मंडी में लगी गेहूं की ढेरियां व बैग। संवाद
फोटो 23: सोनीपत अनाज मंडी में लगी गेहूं की ढेरियां व बैग। संवाद