सोनीपत। दो दिन की हल्की राहत के बाद रविवार को एक बार फिर लोगों को सर्दी का सितम झेलना पड़ा। सोनीपत के गांव सरगथल में नहर किनारे लगे स्वचालित मौसम केंद्र (एडब्ल्यूएस) पर न्यूनतम तापमान फिर जमाव बिंदु के पास पहुंच गया। यहां न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री दर्ज किया गया। 12 दिसंबर को भी यहां पारा 0.7 डिग्री तक गिर गया था। शीतलहर से सुबह व शाम को लोग कांपते रहे।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सोमवार से कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे हवा की गति धीमी पड़ सकती है। ऐसे में कोहरा पड़ने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्र पर दिख रहा है। मैदानी क्षेत्र शीतलहर की चपेट में हैं। गांव सरगथल के पास नहर किनारे लगे एडब्ल्यूएस पर न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस रहा। एक दिन पहले यह 3.6 पर था। अधिकतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सोनीपत शहर से सटे जगदीशपुर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री व अधिकतम तापमान 22.2 दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने और हवा की गति धीमी पड़ने से लोगों को अब शीतलहर के बाद कोहरे का सामना करना पड़ेगा।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने के बाद बढ़ेगी ठंड
मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि आगामी कुछ दिनों में तापमान में नाममात्र की बढ़ोतरी होगी। जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होगा, लाेगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है। रविवार को हवा की गति अपेक्षाकृत कम रही। दिन भर पांच किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार हवा चली। इसका असर वायु की गुणवत्ता पर भी दिखाई दिया। रविवार को जिले में एक्यूआई 135 दर्ज किया गया।
किसानों को हल्की सिंचाई करने का आह्वान
जिले के किसान गेहूं व सरसों की सिंचाई करने में जुटे हैं। जिले में करीब 11 हजार एकड़ भूमि में सरसों की बिजाई की गई है, जबकि 1.45 लाख हैक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई की गई है। कृषि विभाग ने किसानों को हल्की सिंचाई करने का आह्वान किया है, ताकि पाला जमने से फसलों को नुकसान न हो।
दिल्ली-एनसीआर में सोमवार से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके बाद उत्तर-पश्चिमी हवा की दिशा बदल सकती है। हवा की गति धीमी होने से कोहरा पड़ने की आशंका बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना होगा।
- डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, जगदीशपुर