खरखौदा। पीजीआई, रोहतक में महिला के प्रसव के मामले में एक तरफ जहां संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने अपनी जांच के बाद थाना खरखौदा पुलिस को महिला के नाबालिग होने का हवाला देते हुए पॉक्सो एक्ट व बाल विवाह की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के लिए लिखा था परंतु पुलिस जांच में महिला बालिग मिली है।
खरखौदा के उपमंडल नागरिक अस्पताल में 22 मई को एक गर्भवती को प्रसव के लिए भर्ती किया गया था। बाद में उसे पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया गया था। महिला ने वहां पर एक बच्चे को जन्म दिया था लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई थी।
इस मामले में खरखौदा थाने में एक रपट दर्ज की गई थी जिसका संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने संज्ञान लेते हुए जांच करने के बाद मामले में न केवल पुलिस आयुक्त सोनीपत बल्कि सीडब्ल्यूसी को पत्र लिखा था।
थाना खरखौदा पुलिस को भी इस मामले में पाॅक्सो एक्ट व बाल विवाह की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए लिखा गया था। संवाद