गांव अटायल में में राजकीय सम्मान के साथ सिपाही धीरेंद्र का अंतिम संस्कार करते दिल्ली पुलिस के कर?
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गांव अटायल में घर के सामने जर्जर मकान का छज्जा सिर पर गिरने से दिल्ली पुलिस में तैनात सिपाही की मौत हो गई। धीरेंद्र मंगलवार शाम को अपने घर के बाहर एक जर्जर मकान के निकट खड़ा होकर मोबाइल पर बात कर रहा था। इसी दौरान उसके सिर पर जर्जर मकान का छज्जा आ कर गिर गया। सूचना के बाद दिल्ली पुलिस के कर्मी अटायल गांव में पहुंचे और राजकीय सम्मान के साथ सिपाही के शव का अंतिम संस्कार करवाया।
गांव अटायल निवासी धीरेंद्र (33) दिल्ली पुलिस में सिपाही था। मंगलवार को वह ड्यूटी करने के बाद घर आया था। उसका घर गांव में एक गली में है और सामने एक मकान जर्जर हालत में है। दो दिन तक हुई तेज बारिश के कारण मकान की हालत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। शाम के समय धीरेंद्र घर के बाहर जर्जर मकान के निकट खड़ा होकर मोबाइल पर बात कर रहा था। इसी दौरान जर्जर मकान के छज्जे का एक बड़ा हिस्सा अचानक से टूटकर उसके सिर पर आ गिरा जिससे धीरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सोनीपत के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया जहां डाक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे दिल्ली रेफर कर दिया। जब परिजन धीरेंद्र को दिल्ली अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। धीरेंद्र की मौत की सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस के जवान भी अटायल गांव में पहुंचे और बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ धीरेंद्र का अंतिम संस्कार करवाया।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
धीरेंद्र शादीशुदा था। उसके दो बच्चे हैं। उसका बड़ा बेटा दूसरी कक्षा का छात्र है। जबकि छोटा बच्चा अभी 3 वर्ष का ही है। धीरेंद्र की मौत के बाद दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। धीरेंद्र के साथ हुए इस हादसे के बाद से परिजनों का रोकर बुरा हाल है।