पश्चिमी यमुना लिंक नहर व कैरियर लाइन चैनल के बीच 180 करोड़ रुपये की लागत से सड़क के पुनर्निर्माण व चौड़ीकरण का कार्य जल्द शुरू हो सकेगा। इससे पानीपत से दिल्ली आवागमन करने वाले वाहन चालकों को काफी राहत मिल सकेगी। पुनर्निर्माण के दौरान सड़क पर चार पुल व एक अंडरब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा। इसके लिए एचएसआरडीसी (हरियाणा स्टेट रोड एंड ब्रिज डेवलपमेंट कार्पोरेशन) की ओर से टेंडर लगाया गया है। टेंडर अलॉट होने के बाद निर्माण कार्य दो साल में पूरा किया जाएगा। इसके निर्माण के बाद जीटी रोड पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकेगी।
जीटी रोड पर मुकरबा चौक, सिंघु बॉर्डर से होते हुए पानीपत मार्ग पर वाहनों की अधिकता के चलते जाम की स्थिति बनी रहती थी। ऐसे में पश्चिमी यमुना लिंक नहर व कैरियर लाइन चैनल के बीच बनी सड़क को जीटी रोड के विकल्प के रूप में बनाया गया था। लेकिन वर्तमान में यह सड़क पूरी तरह से टूटकर बिखर चुकी है। ऐसे में वाहन चालकों को राहत देने के लिए 46 किमी लंबी सड़क के पुनर्निर्माण व चौड़ीकरण किया जा रहा है। पानीपत के डिंढार गांव से लेकर बड़वासनी गांव तक इस सड़क को सात मीटर चौड़ा किया जाएगा। जिससे वाहन चालक आसानी से गंतव्य तक पहुुंच सकेंगे।
20 से ज्यादा गांवों के लोगों को होगा फायदा
नहर के बीच मार्ग निर्माण होने के बाद हरेवली, नाहरी, नाहरा, बिंदरौली, रोहट, ककरोई, महलाना, बड़वासनी, हुल्लाहेड़ी, चिटाना, माहरा, जुआं, कैलाना, सिटावली, महमूदपुर माजरा, खूबडू, सरढ़ाना, आहुलाना, नया बांस, डिंढार गांव व इनके साथ लगते गांवों के लोगों को सुविधा मिलेगी। इन गांवों में रहने वाले लोग पिछले काफी समय से नहरी मार्ग का पुनर्निर्माण कराने की मांग कर रहे थे।
पानीपत व दिल्ली के बीच बनाए जाएंगे चार पुल
नहरी मार्ग का निर्माण होने के बाद दिल्ली के हैदरपुर रिंग रोड तक वाहन चालकों को बेहतर विकल्प मिल सकेगा। इस मार्ग पर जिले में खुबडू झाल के पास दो पुल बनेंगे। इसके साथ ही बड़वासनी के पास गोहाना रोड पर और जींद-सोनीपत रेलवे लाइन पर पुल का निर्माण किया जाएगा। वहीं केएमपी एक्सप्रेस के नीचे अंडरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। 180 करोड़ रुपये की लागत से सड़क बनने के बाद लोगों को दिल्ली की ओर आवागमन का रास्ता उपलब्ध होगा। इस मार्ग पर होने वाले हादसों में कमी आएगी।
सरकार से मंजूरी मिलने पर लिया ऋण
प्रदेश सरकार से नहरी मार्ग बनाने की मंजूरी मिलने के बाद एचएसआरडीसी ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से 180 करोड़ रुपये का ऋण लिया है। ऋण मिलने के बाद अधिकारियों ने टेंडर लगा दिया है। टेंडर अलॉट करने के बाद अगले दो साल में सड़क का निर्माण पूरा कर दिया जाएगा।
वर्जन
नहरों के बीच सड़क निर्माण को लेकर टेंडर लगाया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। सड़क के निर्माण होने पर वाहन चालकों की परेशानी खत्म हो जाएगी। सड़क निर्माण करने के लिए 180 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।
- राहुल सिंह, डीजीएम, एचएसआरडीसी सोनीपत