डिवाइडर हटाने की कार्रवाई के विरोध के दौरान नपा अध्यक्ष हीरा लाल पुलिस कर्मियों से सवाल करते हु
खरखौदा। शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का अचानक स्वरूप बदल गया। शहरी क्षेत्र को जाम मुक्त करने के लिए लगाए गए डिवाइडरों को अतिक्रमण मानकर हटाया जाने लगा। यह कार्रवाई विधायक के निर्देश पर हो रही थी जबकि कुछ दिन पहले नगर पालिका ने दुकानदारों, रेहड़ी आदि के अतिक्रमण को हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की थी।
नगर पालिका सचिव मनीष ने पिछले दिनों ही पार्षद नवीन दहिया की अगुवाई में कमेटी गठित कर अतिक्रमण पर कार्रवाई करने की बात कही थी लेकिन विधायक पवन खरखौदा ने दुकानदारों के साथ बैठक कर इसे रोक दिया और सड़कों पर रखे डिवाइडरों को हटाने की बात कह दी। ऐसे में अगले ही दिन डिवाइडर हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई।
इस पर पार्षदों ने विरोध जताया और नपा अध्यक्ष हीरा लाल ने इस कार्रवाई को रुकवा दिया। इसके बाद शनिवार को हाउस की बैठक बुलाने के लिए सोमवार का दिन तय किया गया है, ताकि उसमें चर्चा करने के बाद डिवाइडर सड़क से उठाने हैं या रखे रहने देने हैं, इस पर फैसला होना है। इससे पहले ही नगर पालिका ने रविवार को फिर से डिवाइडर हटाने का काम शुरू कर दिया था लेकिन पार्षद सोमवती ने विरोध जताकर इस कार्रवाई को रुकवा दिया।
नगरपालिका सचिव ने शाम को फिर से पुलिस बल के साथ डिवाइडर हटाने की कार्रवाई शुरू की तो पार्षदों ने फिर से कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान नपा अध्यक्ष हीरा लाल भी पहुंच गए, जिन्होंने पूछा कि इस कार्रवाई का ड्यूटी मजिस्ट्रेट कौन है लेकिन यह सवाल होते ही पुलिस बल लौट गया। नपा अध्यक्ष ने कहा कि सचिव अपने आप ही किसी भी कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं फिर अध्यक्ष व पार्षदों की शहर में जरूरत ही क्या है? वह खुद ही चेयरमैन भी बन जाएं। इस दौरान पार्षद नवीन दहिया, पार्षद अनूप, पार्षद सीमा, पार्षद प्रमोद, पार्षद जसबीर आदि मौजूद रहे।