फोटो 15: चंडीगढ़ में विधानसभा सत्र के दौरान एसपीओ का वेतन बढ़ाने व जॉब सुरक्षा का मुद्दा उठाते
सोनीपत। विधायक निखिल मदान ने विधानसभा के मानसून सत्र के शून्य काल में हरियाणा में कार्यरत 12000 स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) की नौकरी को सुरक्षित करने और उनका वेतनमान बढ़ाने की मांग उठाई।
विधायक ने बताया कि वर्ष 2004 में तत्कालीन इनेलो सरकार ने हरियाणा में सीआईएसएफ की तर्ज पर एचएसआईएसएफ का गठन किया था। इसमें लगभग 3200 युवाओं को भर्ती किया गया था। वर्ष 2005 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया था।
एसपीओ की ओर से कोर्ट केस किया गया था। वर्ष 2016 में भाजपा सरकार ने एसपीओ को बहाल करके नौकरी प्रदान की गई थी। उस समय उनका वेतनमान 14 हजार रुपये निश्चित किया गया था। जिसे वर्ष 2018 में बढ़ाकर 18 हजार किया गया था।
वर्ष 2023 में इसे 20 हजार कर दिया गया था जो आज तक यथावत है। आज हरियाणा में नवनियुक्त होमगार्ड को भी 25 हजार रुपये वेतनमान दिया जाता है तो पूर्व सैनिक और उस समय भर्ती किए गए एसपीओ का वेतन 20000 रुपये होना न्याय संगत नहीं है।
उनकी सरकार से मांग है कि एसपीओ का वेतन कम से कम एक सामान्य कांस्टेबल की तर्ज पर 30 हजार रुपये किया जाए। साथ ही एसपीओ को मेडिकल अलाउंस, डीए, वर्दी व वेतन भत्ते भी प्रदान किए जाएं।
विधायक ने कहा कि हरियाणा सरकार ने हाल ही में कौशल कर्मचारियों को भी नौकरी की सुरक्षा प्रदान की है। ऐसे में एसपीओ, जिनका सरकार ने वर्ष 2027 तक अनुबंध बढ़ाया है उनको भी पूर्णकालिक नौकरी की सुरक्षा प्रदान की जाए। उनकी सेवाएं 58 वर्ष तक सुरक्षित की जाएं।