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छात्राओं का दो टूक, प्राध्यापक की बर्खास्तगी तक जारी रहेगा प्रदर्शन

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गोहाना। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां में प्राध्यापक के छात्राओं से अश्लील हरकत करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को एसडीएम आशीष वशिष्ठ, डीएसपी मुकेश जाखड़ व विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रो. नीलम सहित अन्य अधिकारियों ने छात्राओं को समझाकर धरने-प्रदर्शन को खत्म कराने का प्रयास किया। छात्राओं ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि जब तक आरोपी प्राध्यापक को बर्खास्त नहीं किया जाता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। आरोपी प्राध्यापक की बर्खास्तगी से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है। इस बीच गोहाना हलका के विधायक जगबीर सिंह मलिक भी छात्राओं के बीच पहुंचे। उन्होंने छात्राओं की मांग को जायज बताया।
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खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला विश्वविद्यालय में एमएसएम आयुर्वेद कॉलेज के एक प्राध्यापक ने अलग-अलग समय पर तीन छात्राओं के पास वीडियो कॉल कर अश्लीलता की। छात्राओं का आरोप है कि आरोपी प्राध्यापक इससे पहले भी लंबे समय से छात्राओं के साथ गलत व्यवहार करता रहा है। यही नहीं इस बारे में किसी को बताने या विरोध करने पर प्रायोगिक परीक्षाओं में कम अंक लगाने व देख लेने तक की धमकी देता रहा है। छात्राओं का कहना है कि करीब 11 दिन पहले उन्होंने इस मामले की शिकायत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश व महाविद्यालय के प्राचार्य को दी थी। साथ ही आरोपी प्राध्यापक को बर्खास्त करने की मांग की थी।
विश्वविद्यालय प्रबंधन शिकायत के आधार पर जांच कर आरोपी प्राध्यापक को निलंबित कर उसके कॉलेज में प्रवेश पर रोक लगा चुका है। जबकि छात्राएं प्राध्यापक को बर्खास्त करने की मांग पर अड़ी हैं। अपनी इसी मांग को लेकर छात्राओं ने विश्वविद्यालय के गेट पर शनिवार को धरना शुरू किया था। रविवार को एसडीएम आशीष वशिष्ठ, डीएसपी मुकेश जाखड़, विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नीलम मलिक सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। एसडीएम ने छात्राओं को कहा कि हम आपके साथ हैं, आरोपी को निलंबित किया जा चुका है, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पर छात्राओं ने अपनी मांग दोहराते हुए धरना, प्रदर्शन खत्म करने से इंकार कर दिया।
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चंडीगढ़ से पहुंची छात्र नेता, साथ देने का एलान
विधायक जगबीर सिंह मलिक रविवार को छात्राओं के बीच धरने पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि छात्राओं की प्राध्यापक को बर्खास्त करने की मांग जायज है। एक प्राध्यापक का इस प्रकार का कृत्य शर्मनाक है। छात्राओं की मांग को जल्द पूरा किया जाना चाहिए। चंडीगढ़ से छात्र नेता राही शर्मा भी धरने पर पहुंचीं और छात्राओं के साथ बैठने का एलान किया। इनके अलावा सर्व कर्मचारी संघ की गोहाना इकाई के अध्यक्ष रमेश अत्री व सचिव सुरेश यादव ने भी धरने पर पहुंच कर छात्राओं का उनकी लड़ाई में साथ देने का एलान किया।
धरना खत्म कराने पर दिया जा रहा जोर
छात्राओं का कहना है कि प्राध्यापक उन्हें लंबे समय से परेशान कर रहा था। पहले उनके पास पुख्ता सबूत नहीं थे, इसलिए उनके पास चुप रहने के अलावा दूसरा चारा नहीं था। छात्राओं का दावा है कि अब उनके पास पुख्ता सबूत हैं, जिनको विश्वविद्यालय प्रशासन को उपलब्ध करवाया गया है। इसके बावजूद आरोपी प्राध्यापक को बर्खास्त नहीं किया जा रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय धरना प्रदर्शन खत्म करवाने का जोर दिया जा रहा है। छात्राओं का आरोप है कि प्राध्यापक बचाव के लिए जानबूझकर अस्पताल में दाखिल है।
कुलपति ने अधिकारियों के साथ की बैठक, खाली करवाया आवास
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश ने रविवार को इस मामले को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि छात्राओं की शिकायत मिलते ही विश्वविद्यालय की अंतरिम शिकायत समिति की सिफारिश पर प्राध्यापक को निलंबित कर उसके कॉलेज में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। उससे आवास भी खाली करवा लिया गया है। जांच में समिति के सदस्यों के अलावा बाहर से तीन सदस्य व छात्राओं को शामिल किया गया। छात्राएं किसी के बहकावे में आने व अफवाहों से बचें। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. नीलम मलिक, प्रो. श्वेता हुडा, प्रो. संकेत विज, डॉ. पवन, प्रो. महेश दाधीच आदि मौजूद रहे।
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