सोनीपत। त्योहारों के मौसम में जिले की हवा फिर से जहरीली होती जा रही है। रविवार को सोनीपत का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 181 दर्ज किया गया जो मध्यम से खराब श्रेणी में आता है। हवा की गति कम होने और वातावरण में नमी बढ़ने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में फंस रहे हैं जिससे हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है। दिन में महज छह किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवा चलती है।
अक्तूबर-नवंबर में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ठंड और नमी बढ़ने लगती है। इससे प्रदूषण के कण वातावरण की निचली परत में ही ठहर जाते हैं। अक्तूबर के पहले सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई बूंदाबांदी से हवा साफ बनी रही लेकिन अब हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अब पटाखे जलाए गए तो एक्यूआई के रेड जोन में पहुंचने की आशंका है। इससे सांस, एलर्जी और आंखों में जलन जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
हवा की गति हुई कम
अब तक हवा की गति तेज थी। पूर्वी हवा चलने के कारण प्रदूषण का स्तर कम बना हुआ था। अब हवा की दिशा बदल गई है। जिले में उत्तर-पश्चिमी हवा चल रही है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों से ठंड तो मैदान में पहुंच रही है लेकिन हवा की गति धीमी होने के कारण एक्यूआई का स्तर बिगड़ गया है। शनिवार को महज छह किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवा चली। वहीं, दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री व न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वायु प्रदूषण मापक यंत्र हुआ चालू
राहत की बात यह है कि मुरथल स्थित वायु प्रदूषण मापक यंत्र करीब एक साल बाद दोबारा चालू किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी निर्मल कश्यप ने बताया कि इससे अब जिले में हवा की गुणवत्ता के सही आंकड़े मिल सकेंगे जिनके आधार पर प्रशासन प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में ठोस कदम उठा सकेगा। सेंसर के सक्रिय होने से अब जिले की हवा में प्रदूषण की वास्तविक मात्रा की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
नगर निगम की टीम करवा रही पानी का छिड़काव
ग्रैप एक लागू होने के बाद नगर निगम की टीम धूल-मिट्टी दबाने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव करवा रही है। इससे लोगों की परेशानी को कम किया जा सके। शहर में कई स्थानों पर पानी का छिड़काव कराया गया।
पटाखों रहित दिवाली मनाएं
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि दीपावली पर पटाखों की जगह दीयों से रोशनी करें और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में सहयोग दें। प्रदूषण रोकने के लिए ग्रैप-1 के नियम लागू किए गए हैं। टीमों का गठन किया गया है और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।