संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। मानसून की धीमी रफ्तार का असर अब दिखाई देने लगा है। प्री-मानसून गतिविधियां अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही हैं जिसके चलते गर्मी और उमस से लोग परेशान हो रहे हैं। रविवार को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सुबह कुछ समय तक आसमान में बादल छाए रहे लेकिन दोपहर होते-होते तेज धूप निकल आई। मौसम फिर से तपिश भरा हो गया। मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि 23 जून तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा लेकिन बारिश की संभावना फिलहाल कम है।
अक्सर 13 से 25 जून के बीच जिले में प्री-मानसून की अच्छी बारिश दर्ज होती है जिससे तापमान में गिरावट आती है और कृषि गतिविधियों को भी गति मिलती है। इस बार स्थिति इसके विपरीत बनी हुई है। मानसून की प्रगति धीमी है और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी कमजोर साबित हो रहे हैं।
परिणामस्वरूप कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी और बादलों की आवाजाही तो हो रही है लेकिन अच्छी बारिश का इंतजार अभी जारी है। रविवार को न्यूनतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 39 डिग्री दर्ज किया गया।
इंसेट
गर्मी बढ़ते ही बिजली की मांग ने तोड़े रिकॉर्ड
भीषण गर्मी और लगातार चल रहे एसी-कूलरों के कारण जिले में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। एक सप्ताह पहले जहां बिजली की दैनिक खपत करीब 1 करोड़ 33 लाख यूनिट थी वहीं अब यह 1 करोड़ 72 लाख 78 हजार यूनिट तक पहुंच गई है। बढ़ती मांग के कारण कई क्षेत्रों में फॉल्ट और अघोषित कटौती की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। बिजली निगम के अधिकारियों का मानना है कि बारिश होने के बाद ही बिजली की मांग में कमी आएगी। वहीं खरीफ सीजन शुरू होने से कृषि क्षेत्र में भी बिजली की खपत बढ़ी है, जिससे बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
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बिजली खपत पर एक नजर
तारीख
बिजली खपत
14 जून
1 करोड़ 33 लाख 95 हजार यूनिट
15 जून
1 करोड़ 38 लाख 42 हजार यूनिट
16 जून
1 करोड़ 42 लाख 11 हजार यूनिट
17 जून
1 करोड़ 47 लाख 85 हजार यूनिट
18 जून
1 करोड़ 62 लाख 22 हजार यूनिट
19 जून
1 करोड़ 66 लाख 64 हजार यूनिट
20 जून
1 करोड़ 72 लाख 78 हजार यूनिट
वर्जन
मानसून अभी धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी काफी कमजोर हैं। हालांकि बंगाल की खाड़ी में पहली बार निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित होता दिखाई दे रहा है। यदि यह प्रणाली मजबूत होती है तो मानसून की रफ्तार बढ़ सकती है और प्री-मानसून गतिविधियों को भी बल मिलेगा। 23 जून तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है।-डॉ. प्रेमदीप, मौसम विशेषज्ञ